Menstrual Leave: कई जगह कामकाजी महिलाएं पीरियड्स के दौरान दर्द और असुविधा झेलती हैं लेकिन कुछ देशों ने इसके लिए खास कानून बनाए हैं। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पीरियड्स लीव की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया।

महिलाओं की सेहत और काम के बीच संतुलन बनाए रखना हर देश के लिए चुनौती है। कई जगह कामकाजी महिलाएं पीरियड्स के दौरान दर्द और असुविधा झेलती हैं लेकिन कुछ देशों ने इसके लिए खास कानून बनाए हैं। भारत में सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में पीरियड्स लीव की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। कोर्ट का कहना है कि ऐसा फैसला महिलाओं के लिए नुकसानदेह हो सकता है। इस आर्टिकल में हम आपको दुनिया के उन देशों के बारे में बताएंगे जहां महिलाओं को पीरियड्स के दौरान छुट्टी मिलती है।
इंडोनेशिया में 1948 से महिलाओं को महीने में 2 दिन की पेड पीरियड लीव का अधिकार है। यह नियम महिलाओं के स्वास्थ्य और कामकाजी क्षमता को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
जापान में 1947 से ‘सेइरी क्युका’ (Seiri Kyuka) लागू है। इसका मतलब है मासिक धर्म के दौरान मिलने वाली छुट्टी। हालांकि, कंपनियों पर यह निर्भर करता है कि वे इस दौरान पेड लीव देंगी या नहीं।
ताइवान में ‘जेंडर इक्वैलिटी इन एम्प्लॉयमेंट एक्ट’ के तहत महिलाओं को साल में 3 दिन की पीरियड लीव मिलती है। इस दौरान उन्हें आधी सैलरी का भुगतान किया जाता है।
दक्षिण कोरिया में 2001 से महिलाओं को पीरियड्स के दौरान 1 दिन की छुट्टी मिलती है। अगर कोई महिला यह छुट्टी नहीं लेती तो कंपनियां इसका एक्स्ट्रा पैसा भी देती हैं।
जाम्बिया में पीरियड्स लीव को ‘मदर्स डे’ कहा जाता है। 2015 में कानून बनने के बाद महिलाएं महीने में 1 दिन की छुट्टी बिना सूचना दिए ले सकती हैं।
वियतनाम में कामकाजी महिलाओं को रोजाना 30 मिनट का ब्रेक या साल में 3 दिन की छुट्टी दी जाती है। इसका मकसद महिलाओं को काम के दौरान आराम और स्वास्थ्य का ध्यान रखना है।
स्पेन ने 2023 में पीरियड्स लीव कानून बनाया। महिलाओं को क्रैंप और दर्द जैसी स्थितियों में 3 से 5 दिन तक छुट्टी मिलती है और इस दौरान खर्च सरकार उठाती है।