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आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां बताई गई हैं जो शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देती हैं और थकान को दूर करती हैं। इन्हीं में से एक आसान और असरदार हर्बल काढ़ा है जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह काढ़ा शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मानसिक थकान को भी कम करने में मदद करता है।

आज की तेज रफ्तार जिंदगी में थकान और कमजोरी एक आम समस्या बन चुकी है। कई लोग रात भर अच्छी नींद लेने के बाद भी सुबह उठते ही सुस्ती और भारीपन महसूस करते हैं। दिन की शुरुआत ही थकान से हो तो पूरा दिन सुस्त गुजरता है, काम में मन नहीं लगता और शरीर में ऊर्जा की कमी बनी रहती है। अक्सर लोग इसे सिर्फ कम नींद या काम के दबाव से जोड़ते हैं लेकिन असल वजह कई बार शरीर में पोषक तत्वों का सही तरह से अवशोषण न होना भी होता है।
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर की ऊर्जा सिर्फ भोजन से नहीं बल्कि पाचन, संतुलन और शरीर की आंतरिक ताकत पर भी निर्भर करती है। अगर शरीर पोषण को सही तरीके से ग्रहण नहीं कर पा रहा है तो कमजोरी और थकान बनी रहती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक और आयुर्वेदिक उपाय शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।
आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां बताई गई हैं जो शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देती हैं और थकान को दूर करती हैं। इन्हीं में से एक आसान और असरदार हर्बल काढ़ा है जिसे घर पर आसानी से बनाया जा सकता है। यह काढ़ा शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मानसिक थकान को भी कम करने में मदद करता है। इस काढ़े को बनाने के लिए सहजन यानी मोरिंगा की पत्तियां या पाउडर, अश्वगंधा पाउडर और दालचीनी पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। ये तीनों चीजें मिलकर शरीर की कमजोरी दूर करने में असरदार मानी जाती हैं और शरीर को अंदर से मजबूत बनाती हैं।
इस काढ़े को बनाने के लिए सबसे पहले एक बर्तन में पानी लें और उसमें सहजन की पत्तियां या मोरिंगा पाउडर डालें। इसके बाद उसमें थोड़ी मात्रा में अश्वगंधा और दालचीनी पाउडर मिलाएं। ध्यान रखें कि अश्वगंधा और दालचीनी की मात्रा सहजन से कम होनी चाहिए ताकि स्वाद संतुलित रहे और शरीर पर सही असर पड़े। अब इस मिश्रण को धीमी आंच पर उबालें और तब तक पकाएं जब तक पानी आधा न रह जाए। इसके बाद इसे छान लें और हल्का गुनगुना होने पर सेवन करें। यह एक हर्बल टी की तरह काम करता है और शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है।
इस काढ़े का सेवन सुबह के समय करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। खासकर नाश्ते से पहले या हल्के नाश्ते के साथ इसे लिया जा सकता है। हफ्ते में दो से तीन बार इसका सेवन करने से शरीर में धीरे-धीरे ऊर्जा बढ़ने लगती है और थकान कम होने लगती है। नियमित सेवन से शरीर हल्का और सक्रिय महसूस करता है।
सहजन यानी मोरिंगा पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। अगर शरीर में खून की कमी के कारण कमजोरी महसूस होती है तो सहजन उसे दूर करने में मदद करता है। यह शरीर को पोषण देने के साथ-साथ इम्युनिटी को भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा सहजन त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। नियमित सेवन से शरीर में ताजगी बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है।
अश्वगंधा आयुर्वेद की सबसे प्रसिद्ध जड़ी-बूटियों में से एक है। यह शरीर की ताकत बढ़ाने और कमजोरी दूर करने में मदद करती है। साथ ही यह तनाव को कम करने में भी सहायक मानी जाती है। अश्वगंधा शरीर में कार्टिसोल हार्मोन को संतुलित करने में मदद करता है जिससे मानसिक थकान कम होती है और मन शांत रहता है। नियमित सेवन से शरीर में स्टैमिना बढ़ता है और दिनभर ऊर्जा बनी रहती है।
दालचीनी सिर्फ मसाला ही नहीं बल्कि एक औषधीय गुणों से भरपूर तत्व है। यह शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाती है और ऊर्जा बढ़ाने में मदद करती है। दालचीनी का हल्का स्वाद काढ़े को भी स्वादिष्ट बनाता है और शरीर पर सकारात्मक असर डालता है।
इसके अलावा दालचीनी हार्मोन संतुलन में भी सहायक होती है और शरीर को सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है।
यह काढ़ा प्राकृतिक और लाभकारी जरूर है लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। जरूरत से ज्यादा सेवन करने से शरीर पर उल्टा असर भी हो सकता है। मधुमेह के मरीज भी इसका सेवन कर सकते हैं, लेकिन संतुलित मात्रा में ही लें। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे लोगों को इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर यह काढ़ा शरीर को अंदर से मजबूत बनाकर दिनभर की थकान दूर करने में मदद कर सकता है।
Disclaimer: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि इस खबर में दी गई दवा/औषधि डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही उपयोग करें। चेतना मंच किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा।
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