महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज होना सामान्य है लेकिन इसके रंग, गंध या मात्रा में बदलाव कई बार किसी इंफेक्शन का संकेत भी बन सकते हैं। जानें वाइट डिस्चार्ज कब नॉर्मल होता है, कब ध्यान देने की जरूरत होती है, इसके क्या कारण हैं और कौन से लक्षण खतरे का संकेत देते हैं।

महिलाओं के शरीर में होने वाले कई बदलावों को हम अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं कभी शर्म की वजह से, कभी जानकारी की कमी की वजह से। वाइट डिस्चार्ज भी उन्हीं में से एक है। कई बार महिलाएं इसे बीमारी समझकर डर जाती हैं और कई बार इसे इतना हल्का ले लेते हैं कि समय पर ध्यान ही नहीं दे पातीं। सच तो यह है कि वाइट डिस्चार्ज होना महिलाओं के शरीर का बिल्कुल नेचुरल हिस्सा है। हर लड़की और महिला इसे महसूस करती है कभी थोड़ा कम तो कभी ज्यादा। समस्या तब शुरू होती है जब इसके रंग, गंध या मात्रा में बदलाव आने लगते हैं और समझ नहीं आता कि ये नॉर्मल है या किसी परेशानी का संकेत। यही कन्फ्यूजन सबसे ज्यादा परेशान करता है।
अगर आप भी कभी इसके कारण असहज हुई हों, घबराई हों या मन में यह सवाल आया हो कि “क्या ये बिल्कुल ठीक है या मुझे डॉक्टर को दिखाना चाहिए?”, तो यह आर्टिकल आपके सारे डाउट्स क्लियर कर देगा।
महिलाओं में वाइट डिस्चार्ज होना बिल्कुल आम बात है। असल में यह एक नेचुरल क्लीनिंग सिस्टम की तरह काम करता है जो वजाइना को हेल्दी, साफ और मॉइश्चराइज रखता है। अगर बात करें नॉर्मल डिस्चार्ज की तो इसका रंग सफेद या हल्का क्रीम होता है। इसमें कोई बदबू, खुजली या जलन नहीं होती, इसकी मात्रा बहुत ज्यादा नहीं होती। ये आमतौर पर ओव्यूलेशन के दौरान, पीरियड्स से पहले या बाद में, हॉर्मोनल बदलाव, तनाव या नींद की कमी, कमजोरी की वजहों से आता है। इस तरह का डिस्चार्ज बिल्कुल नॉर्मल है और इसे लेकर घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती।
अगर डिस्चार्ज में अचानक बदलाव आए तो यह किसी इंफेक्शन या बीमारी का संकेत हो सकता है। जब डिस्चार्ज का रंग पीला, हरा या भूरा हो जाए, इसमें तेज या खराब बदबू आने लगे, वजाइना में खुजली, जलन या दर्द महसूस हो, डिस्चार्ज की मात्रा बहुत ज्यादा हो जाए, सेक्स के दौरान दर्द हो तो आपको इसे हल्के में बिल्कुल नहीं लेना चाहिए और डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ये लक्षण अक्सर फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल वेजिनोसिस या सेक्सुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) की वजह से आते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर इंफेक्शन यूटरस या फैलोपियन ट्यूब तक फैल सकता है जिससे आगे चलकर प्रजनन से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।
इसमें डिस्चार्ज पतला, पानी जैसा और काफी बदबूदार हो जाता है।
डिस्चार्ज का रंग पीला या हरा दिख सकता है और इसके साथ जलन भी महसूस होती है।
इसमें वजाइना के साथ-साथ पेट के निचले हिस्से में दर्द, बुखार, कमजोरी और सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है। इनमें से किसी भी लक्षण के दिखने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है ताकि आपको भविष्य में किसी प्रकार की गंभीर बीमारी का सामना न करना पड़े।