Ovarian Cyst: ओवेरियन सिस्ट आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही जानकारी और समय पर ध्यान देने से इसे मैनेज किया जा सकता है। इस आर्टिकल में जानिए ओवरी में सिस्ट क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं, किन योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव से राहत मिल सकती है।

आजकल ओवेरियन सिस्ट की समस्या काफी आम हो गई है। कई महिलाएं अचानक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पीरियड्स में गड़बड़ी या भारीपन महसूस करती हैं और जांच में सिस्ट का पता चलता है। ऐसे में घबराना स्वाभाविक है लेकिन हर सिस्ट खतरनाक नहीं होता। ज्यादातर सिस्ट फंक्शनल होते हैं जो पीरियड्स साइकिल का हिस्सा होते हैं और समय के साथ अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। हालांकि, अगर सिस्ट बार-बार बन रहे हैं या ज्यादा दर्द दे रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव इस समस्या को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि आप क्या-क्या कर सकती हैं।
कुछ ऐसे योगासन हैं जो पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं और तनाव कम करते हैं। इससे ओवरी और आसपास की मांसपेशियों को राहत मिल सकती है। सुप्त बद्ध कोणासन पेल्विक हिस्से में रक्त प्रवाह बढ़ाता है और शरीर को रिलैक्स करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की ओर ढीला छोड़ दें। मलासन एक डीप स्क्वैट पोज है जो हिप्स और पेल्विक फ्लोर को खोलने में मदद करता है। सेतु बंधासन पेल्विक अंगों को मजबूती देता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। इन आसनों को धीरे-धीरे और आराम से करें। अगर दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।
डाइट का सीधा असर हार्मोन पर पड़ता है। बहुत ज्यादा ठंडा या कच्चा खाना कम करें खासकर अगर शरीर पहले से सेंसिटिव है। गर्म, ताजा और संतुलित भोजन लेना बेहतर होता है। घी, नट्स और एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स शामिल करें। पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली जैसी सब्जियां शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को बाहर निकालने में मदद करती हैं जिससे हार्मोन संतुलन बेहतर हो सकता है।
तनाव ओवेरियन सिस्ट की समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में कुछ खास प्राणायाम फायदेमंद हो सकते हैं। नाड़ी शोधन प्राणायाम मन को शांत करता है और हार्मोनल संतुलन में मदद करता है। भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करता है और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है।
रोजाना कुछ मिनट प्राणायाम करने से मन और शरीर दोनों को राहत मिलती है।
लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ सकता है। इसलिए मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। रोज कुछ मिनट शांति से बैठकर गहरी सांस लें। अपनी पसंद की एक्टिविटी के लिए समय निकालें। चाहे वह किताब पढ़ना हो, म्यूजिक सुनना हो या हल्की वॉक करना हो। पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है।
कुछ लोग पेट के निचले हिस्से पर कैस्टर ऑयल पैक का उपयोग करते हैं जिससे सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है। यह लिम्फेटिक सिस्टम को एक्टिव करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल हमेशा किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही करें। गलत तरीके से उपयोग करने पर फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। इन सभी उपायों को अपनाने से ओवेरियन सिस्ट को मैनेज करने में मदद मिल सकती है लेकिन अगर तेज दर्द, लगातार ब्लीडिंग या सिस्ट का आकार बढ़ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज और संतुलित लाइफस्टाइल से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।