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अक्सर लोग यह सोचकर महंगा परफ्यूम खरीद लेते हैं कि वही सबसे अच्छा होगा लेकिन हर महंगा परफ्यूम हर मौके के लिए सही नहीं होता। अगर आपको ऑफिस जाना है तो हल्की खुशबू बेहतर रहती है जबकि किसी पार्टी या खास मौके के लिए थोड़ी गहरी और लंबे समय तक टिकने वाली फ्रेगरेंस ज्यादा अच्छी लगती है।

परफ्यूम सिर्फ खुशबू नहीं होता यह आपकी पर्सनैलिटी का भी हिस्सा बन जाता है। किसी से मिलने पर सबसे पहले जो चीज असर छोड़ती है उनमें आपकी खुशबू भी शामिल होती है। कई लोग परफ्यूम खरीदते समय सिर्फ उसकी खुशबू, ब्रांड या कीमत पर ध्यान देते हैं लेकिन असली बात अक्सर बोतल पर लिखे छोटे-छोटे शब्दों में छिपी होती है जैसे EDC, EDT और EDP। यही शब्द बताते हैं कि परफ्यूम कितना स्ट्रॉन्ग है, कितनी देर तक टिकेगा और किस मौके पर उसे इस्तेमाल करना बेहतर रहेगा। अक्सर लोग यह सोचकर महंगा परफ्यूम खरीद लेते हैं कि वही सबसे अच्छा होगा लेकिन हर महंगा परफ्यूम हर मौके के लिए सही नहीं होता। अगर आपको ऑफिस जाना है तो हल्की खुशबू बेहतर रहती है जबकि किसी पार्टी या खास मौके के लिए थोड़ी गहरी और लंबे समय तक टिकने वाली फ्रेगरेंस ज्यादा अच्छी लगती है। ऐसे में EDC, EDT और EDP का फर्क समझना बहुत जरूरी हो जाता है।
EDC का पूरा नाम Eau de Cologne है। यह सबसे हल्का परफ्यूम माना जाता है। इसमें परफ्यूम ऑयल की मात्रा बहुत कम यानी लगभग 2 से 4 प्रतिशत तक होती है। इसी वजह से इसकी खुशबू ज्यादा देर तक नहीं टिकती और आमतौर पर 1 से 2 घंटे में हल्की पड़ जाती है। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जो बहुत तेज खुशबू पसंद नहीं करते। सुबह जल्दी बाहर निकलते समय या तुरंत फ्रेश महसूस करने के लिए EDC अच्छा रहता है। गर्मियों में भी कई लोग इसे पसंद करते हैं क्योंकि इसकी खुशबू हल्की और ताज़गी देने वाली होती है।
EDT यानी Eau de Toilette सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला परफ्यूम टाइप है। इसमें लगभग 5 से 15 प्रतिशत तक परफ्यूम ऑयल होता है। इसकी खुशबू न ज्यादा तेज होती है और न बहुत हल्की, इसलिए यह रोजमर्रा की जिंदगी के लिए एक संतुलित विकल्प माना जाता है। इसकी खुशबू आमतौर पर 3 से 5 घंटे तक बनी रहती है। ऑफिस, कॉलेज, मीटिंग या दिनभर की सामान्य गतिविधियों के लिए EDT काफी अच्छा माना जाता है। यह लोगों को फ्रेश भी महसूस कराता है और आसपास के लोगों को परेशान भी नहीं करता।
EDP का मतलब Eau de Parfum होता है। इसमें 15 से 20 प्रतिशत तक परफ्यूम ऑयल होता है इसलिए इसकी खुशबू ज्यादा गहरी और लंबे समय तक टिकने वाली होती है। यह 5 से 8 घंटे या उससे भी ज्यादा समय तक रह सकती है। अगर आप किसी पार्टी, शादी, डिनर डेट या किसी खास मौके पर जा रहे हैं तो EDP बेहतर विकल्प हो सकता है। ठंड के मौसम में भी इसकी खुशबू अच्छी तरह काम करती है क्योंकि उस समय स्ट्रॉन्ग फ्रेगरेंस ज्यादा प्रभाव छोड़ती है।
कई लोग मान लेते हैं कि जो परफ्यूम सबसे महंगा है, वही सबसे अच्छा होगा लेकिन सच यह है कि सही परफ्यूम वही है जो आपकी जरूरत के हिसाब से फिट बैठे। अगर आपको सिर्फ कुछ घंटों के लिए फ्रेश रहना है तो EDC या EDT काफी हो सकता है। वहीं अगर लंबे समय तक खुशबू चाहिए तो EDP बेहतर रहेगा। इसलिए परफ्यूम खरीदते समय सिर्फ कीमत नहीं बल्कि उसका इस्तेमाल और आपकी लाइफस्टाइल भी ध्यान में रखनी चाहिए।
गर्मी के मौसम में बहुत तेज और भारी खुशबू कभी-कभी सिरदर्द या असहज महसूस करा सकती है। ऐसे में हल्की और फ्रेश खुशबू ज्यादा अच्छी लगती है। इसी वजह से EDT गर्मियों के लिए सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है। इसकी खुशबू हल्की होती है, पसीने के मौसम में भी अच्छी लगती है और दिनभर आपको ताजा महसूस कराती है। खासकर अगर आप रोज बाहर निकलते हैं तो EDT एक समझदारी भरा चुनाव हो सकता है।
अक्सर हम परफ्यूम की बोतल देखकर या किसी की सलाह पर तुरंत खरीद लेते हैं लेकिन सही चुनाव जानकारी से होता है। EDC, EDT और EDP जैसे शब्द सिर्फ अंग्रेजी के छोटे कोड नहीं हैं बल्कि यही तय करते हैं कि आपका परफ्यूम आपके लिए सही है या नहीं। इसलिए अगली बार जब भी परफ्यूम खरीदने जाएं तो खुशबू सूंघने के साथ-साथ बोतल पर लिखे इन शब्दों को भी जरूर पढ़ें। सही जानकारी न सिर्फ आपको बेहतर चुनाव करने में मदद करेगी बल्कि आपके पैसे भी सही जगह खर्च होंगे।
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