
मांझा[/caption]
Rahul VS Modi
अगर आप देखें तो आयताकार सी दिखने वाली छोटी सी पतंग जो पूरे भारत में दिखती है । बांस के ताने-बाने से बनती है पतंग हालांकि बांस के पेपर से अच्छी बनती है और उसमें अजंता पेपर मिल का कागज जो बांस का बनता था उनका इस्तेमाल अधिकांश रूप से पतंग निर्माता किया करते थे। लेकिन पतंग निर्माता हाफिज बताते हैं कि हमने तमाम 25 वर्षों तक पतंग को अपना व्यवसाय बनाया। इस बीच में देखा कि साधारण सी पन्नी की पतंग भी मार्केट में आ गई है जो बहुत सस्ती होती है एक दर्जन पतंग 80 पैसे से शुरू होकर दो हजार रुपए तक महंगी पतंग भी मार्केट में आती हैं। पतंग का बाजार छोटा-मोटा नहीं है बल्कि संगठन के मुताबिक 1200 करोड रुपए से भी अधिक का ,लाखों लोगों को रोजगार देने वाला यह पतंगबाजी का व्यवसाय है।