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Rishikesh Travel Guide: अगर आप ऋषिकेश में एक अलग और शांत अनुभव चाहते हैं तो परमार्थ निकेतन जरूर जाएं। यहां होने वाली गंगा आरती दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर शाम गंगा किनारे सैकड़ों लोग एक साथ बैठकर भजन और मंत्रों का आनंद लेते हैं। आरती के दौरान कई पुजारी और आश्रम के विद्यार्थी भी शामिल होते हैं।

Rishikesh Tourism: अगर आप ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां कुछ घंटों के लिए ही सही लेकिन मन को सुकून मिल जाए तो ऋषिकेश आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। उत्तराखंड की गोद में बसा ऋषिकेश सिर्फ योग और अध्यात्म के लिए ही नहीं बल्कि अपनी खूबसूरत शामों के लिए भी जाना जाता है। जैसे बनारस की सुबह लोगों को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर देती है ठीक वैसे ही ऋषिकेश की शाम मन को शांति और सकारात्मकता का एहसास कराती है। सूरज ढलते ही गंगा किनारे का नजारा पूरी तरह बदल जाता है। बहती गंगा, मंदिरों की घंटियां, आरती की गूंज और दीपों की रोशनी मिलकर ऐसा माहौल बना देती है जिसे शब्दों में बयां करना आसान नहीं है। यही वजह है कि हर साल लाखों पर्यटक यहां सिर्फ इस अनुभव को महसूस करने पहुंचते हैं।
ऋषिकेश का त्रिवेणी घाट शाम के समय सबसे ज्यादा जीवंत नजर आता है। यहां हर दिन होने वाली गंगा आरती देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। जैसे ही आरती शुरू होती है पूरा घाट मंत्रोच्चार और घंटियों की आवाज से गूंज उठता है। गंगा किनारे बैठकर आरती को देखना और दीपों को बहते हुए निहारना किसी यादगार अनुभव से कम नहीं होता। यही वजह है कि ऋषिकेश आने वाले ज्यादातर पर्यटक त्रिवेणी घाट जरूर जाते हैं।
गर्मियों के दौरान त्रिवेणी घाट पर शाम करीब 7 बजे गंगा आरती शुरू होती है। अगर आप अच्छी जगह पर बैठकर आरती का आनंद लेना चाहते हैं तो कम से कम आधा घंटा पहले पहुंचना बेहतर रहेगा। आरती के दौरान पूरा माहौल भक्ति और शांति से भर जाता है। कई लोग इस समय ध्यान लगाते हैं तो कई लोग गंगा में दीपदान करके अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हैं।
अगर आप ऋषिकेश में एक अलग और शांत अनुभव चाहते हैं तो परमार्थ निकेतन जरूर जाएं। यहां होने वाली गंगा आरती दुनियाभर में प्रसिद्ध है। हर शाम गंगा किनारे सैकड़ों लोग एक साथ बैठकर भजन और मंत्रों का आनंद लेते हैं। आरती के दौरान कई पुजारी और आश्रम के विद्यार्थी भी शामिल होते हैं। इस समय का वातावरण इतना शांत और सकारात्मक होता है कि कुछ देर के लिए सारी भागदौड़ भूल जाती है।
परमार्थ निकेतन, राम झूला के बेहद करीब स्थित है। यहां तक पहुंचना काफी आसान है। ऑटो, टैक्सी या पैदल भी यहां जाया जा सकता है। गंगा किनारे बना यह आश्रम अपनी सुंदरता और आध्यात्मिक माहौल के लिए खास पहचान रखता है।
ऋषिकेश की पहचान सिर्फ गंगा आरती तक सीमित नहीं है। शाम ढलने के बाद घाटों के आसपास भजन, संगीत और ध्यान का माहौल देखने को मिलता है। कहीं लोग योग करते नजर आते हैं तो कहीं गंगा किनारे बैठकर शांति का अनुभव करते हैं। यही छोटी-छोटी बातें ऋषिकेश को दूसरे पर्यटन स्थलों से अलग बनाती हैं।
अगर आप ऋषिकेश घूमने जा रहे हैं तो सिर्फ घाटों तक ही सीमित न रहें। बीटल्स आश्रम, जानकी सेतु, गोवा बीच और कोठली भेल ट्रैक जैसी जगहें भी देखने लायक हैं। बीटल्स आश्रम फोटोग्राफी प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय है। वहीं जानकी सेतु रात के समय अपनी खूबसूरत लाइटिंग के लिए जाना जाता है। गोवा बीच युवाओं का पसंदीदा रिलैक्सिंग स्पॉट बन चुका है।
ऋषिकेश को भारत की एडवेंचर कैपिटल भी कहा जाता है। यहां आने वाले ज्यादातर लोग रिवर राफ्टिंग का आनंद जरूर लेते हैं। गंगा की तेज लहरों के बीच राफ्टिंग करना रोमांच से भर देता है। इसके अलावा बंजी जंपिंग भी यहां की सबसे लोकप्रिय गतिविधियों में शामिल है। शिवपुरी क्षेत्र में बड़ी संख्या में पर्यटक इस एडवेंचर का अनुभव लेने पहुंचते हैं।
ऋषिकेश में घूमने के साथ-साथ स्वादिष्ट खाने का मजा भी लिया जा सकता है। यहां की कचौड़ी, जलेबी, छोले-भटूरे, समोसे, राजमा-चावल और छोले कुलचे काफी पसंद किए जाते हैं। युवाओं के बीच मोमोज, नूडल्स और बर्गर भी काफी लोकप्रिय हैं। घाटों और बाजारों के आसपास आपको खाने के कई अच्छे विकल्प मिल जाएंगे।
गंगा घाटों पर हमेशा साफ-सफाई का ध्यान रखें और कूड़ा इधर-उधर न फैलाएं। गंगा किनारे ज्यादा आगे जाने से बचें और भीड़भाड़ वाली जगहों पर अपने सामान का ध्यान रखें। अगर आप आरती देखने जा रहे हैं तो शांति बनाए रखें और वहां के धार्मिक माहौल का सम्मान करें। इससे आपका अनुभव और भी बेहतर बन जाएगा।
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