
शुगर यानि कि डायबिटीज (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी को लग जाती है तो लंबे समय तक रोगी को अपनी चपेट में लेकर रखती है। आज से एक दशक पहले शुगर रोग (Diabetes) 50 साल से अधिक उम्र के लोगों को हुआ करती थी, लेकिन आज यह बच्चे, जवान और बुजुर्ग सभी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
चिकित्सा विशेषज्ञ इस बीमारी की वजह खराब जीवनशैली में परिवर्तन या आनुवांशिकता को मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार कुछ ग्रहों की खराब स्थितियां भी रोग का कारण बन जाती हैं ? लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार तीन ग्रहों को डायबिटीज की बीमारी के लिए जिम्मेदार माना जाता है। यदि समय रहते इनसे जुड़े कुछ उपाय कर लिए जाएं तो ये बीमारी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
ज्योतिष के मुताबिक लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां शनि के कमजोर होने से होती हैं। डायबिटीज भी ऐसी बीमारी है, जो एक बार हो जाए तो उम्रभर खत्म नहीं होती। इसे सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है। इसके अलावा शुक्र की कमजोर स्थिति भी डायबिटीज, कुष्ठ रोग, गुप्त रोग, गर्भाशय संबंधी रोग की वजह बन सकती है। राहु अप्रत्यक्ष रूप से इस बीमारी की वजह बनता है क्योंकि राहु व्यक्ति को तनाव और अवसाद की ओर ले जाता है। तनाव को डायबिटीज की बड़ी वजह माना गया है। इस तरह शनि, राहु और शुक्र में से कोई ग्रह इसके आपकी इस बीमारी के लिए जिम्मेदार हो सकता है।
ग्रहों को मजबूत करने के लिए काम आएंगे ये उपाय
1. शनि को प्रसन्न करने के लिए गरीब, कमजोर व असहायों की मदद करें, काले कुत्ते को भोजन दें। 2. शनिवार के दिन पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं। 3. हनुमान जी की आराधना करें। शनिवार के दिन हनुमान जी के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
शुक्र को मजबूत करने के लिए
1. शुक्र को मजबूत करने के लिए मंत्र ओम सं शुक्राय नम: का जाप करें। 2. सफेद मोती, सफेद पुखराज, सफेद टोपाज आदि रत्न धारण करें। 3. शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, दूध, दही आदि का दान करें. 4. माता लक्ष्मी की आराधना करें।
राहु को मजबूत करने के लिए
1. राहू की शांति के लिए ओम भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहुवै नम: मंत्र का जाप करें। 2. रोजाना एक तुलसी का पत्ता पानी के साथ निगलें। 3. चांदी के गिलास में पानी पीएं। 4. शिव जी का जलाभिषेक करें।
नोट : कोई भी उपाय करने से पहले एक बार अपने ज्योतिष की सलाह जरूर लें। इसके अलावा चिकित्सक की सलाह भी जरुरी है।
संत कमल किशोर, ज्योतिषाचार्य एवं आयुर्वेदाचार्य