Thyroid : थायराइड (Thyroid) के शिकार व्यक्तियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। (Thyroid) लेकिन यदि नियमित रुप से संतुलित आहार और बॉडी एक्सरसाइज किया जाए तो थायराइड (Thyroid) के लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है। आज हम आपको कुछ ऐसी जानकारी प्रदान करेंगे कि यदि आप थायराइड (Thyroid) के शिकार रोगी हैं तो घर पर रहकर भी इस बीमारी को कंट्रोल में रख सकते हैं।
बादाम ऐसा माना जाता है कि ज्यादातर नट्स हमारे शरीर के लिए किसी न किसी तरह से फायदेमंद होते हैं। अगर आपका थायराइड बढ़ा हुआ है यानि आप हाइपर थायराइड की समस्या से परेशान हैं तो निश्चित रूप से आपको बादाम का सेवनकरना चाहिए। ये प्रोटीन, फाइबर और मिनरल्स का एक बेहतरीन स्त्रोत है। बादाम में सेलेनियम नाम का पोषक तत्व पाया जाता है, जो थायराइड के हेल्दी लेवल को मेंटेन रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह मैग्नीशियम का भी अच्छा स्त्रोत है, जो थायराइड ग्रंथि को बढ़ने से रोकता है।
अदरक अदरक को आयुर्वेद में किसी औषधि से कम नहीं माना गया है और यह थायराइड के लिए सबसे आसान घरेलू उपचारों में से एक है। बाजार में आसानी से उपलब्ध अदरक पोटेशियम और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक मिनरल्स से समृद्ध होती है और ये इंफ्लेमेशन का मुकाबला करने में मदद करती है। थायराइड की समस्या में नियमित रूप से अदरक की चाय सबसे अच्छी मानी जाती है। इतना ही नहीं अदरक के तेल को नारियल तेल के साथ मिलाकर लगाने से भी काफी फायदा मिलता है।
डेयरी उत्पाद दूध, पनीर, और दही जैसे डेयरी उत्पाद थायराइड के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं क्योंकि इनमें आयोडीन की मात्रा उच्च होती है साथ ही ये मिनरल्स थायराइड के सही से काम करने में भी मदद करते हैं। डेयरी उत्पादों का सेवन विटामिन लेवल को बढ़ाने में मदद करता है, जो बदले में थायराइड की समस्या को दूर करने में आपकी मदद करता है।
फलियां कौन नहीं जानता कि बीन्स, पोषण का एक पावरहाउस है। बीन्स फाइबर, प्रोटीन, जरूरी मिनरल्स और विटामिन से भरपूर होती हैं साथ बी इनमें एंटीऑक्सिडेंट और कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट भी होता है। फाइबर की अधिक मात्रा के कारण बीन्स कब्ज को रोकने में मदद करती हैं। कब्ज, हाइपोथायरायडिज्म का एक आम दुष्प्रभाव है इसलिए बीन्स का नियमित रूप से सेवन थायराइड ग्रंथि के सही से काम करने में मदद करता है।
संत कमल किशोर, आयुर्वेदाचार्य