देव दिपावली मनानी है? पर वाराणसी में नही, तो देखें ये 6 खास जगह
भारत
चेतना मंच
30 Oct 2025 01:58 PM
हमारे भारत में त्योहारो को खुब उत्साह के साथ मनाया जाता है। अभी वीते दिनों दीपावली को खूब धुम-धाम से मनाया था। वहीं, अब देव दीपावली का लोगों को बेसब्री से इंतजार हो रहा है। देव दीपावली का नाम सुनते ही लोगों को उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर का ख्याल सबसे पहले आता है। देव दीपावली एक ऐसा त्योहार है जिसमें प्रकाश, भक्ति, नदियों-घाटों का मिलन होता है। आमतौर पर इसे देवताओं के गंगा स्नान एवं आशीर्वाद के रूप में मनाया जाता है। जहाँ-जहाँ पवित्र नदियाँ बहती हैं, वहाँ घाट-घाट, दीपों की लड़ी, आरती-संस्कृति का अनूठा माहौल बनता है। Dev Diwali Travel Destinations
वाराणसी में इस दिन गंगा घाटों पर लाखों दीपक जलते हैं। देव दीपावली मनाने के लिए केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि भारत में कई अन्य खूबसूरत जगहें भी हैं जहाँ आप इस उत्सव को विशेष रूप से अनुभव कर सकते हैं। हम आपको बताएगें देव दीपावली के मौके पर आपको और कहां-कहां जाना चाहिए अगर आप इस अनुभव को थोड़ा “अनुभव” के रूप में लेना चाहती हैं यानि सिर्फ देखने नहीं बल्कि महसूस करने तो ऐसे स्थान चुनें जहाँ भीड़ थोड़ी कम हो, माहौल शांत-पूजा-संस्कृति से जुड़ा हो, परिवेश खूबसूरत हो और आपके ट्रिप में नए अनुभव जुड़ें। Dev Diwali Travel Destinations
हरिद्वार (उत्तराखंड)
यह गंगा नदी का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है जहाँ घाटों पर दीपों और आरती का विशेष दृश्य देखने को मिलता है। देव दीपावली-माहौल में यहाँ के घाटों की रोशनी, आरती-समय और शांत वातावरण बहुत आकर्षक होते हैं। ट्रैवेल टिप: शाम को गंगा आरती से पहले घाट पर पहुँचने की कोशिश करें — अच्छा व्यू मिलेगा; और यदि संभव हो तो सुबह का स्नान भी करें। Dev Diwali Travel Destinations
अयोध्या (उत्तर प्रदेश)
यहाँ दीपोत्सव के दौरान राम-जन्मभूमि के आस-पास, सरयू नदी के तट पर लाखों दीए जलते हैं। देव दीपावली जैसा माहौल तो मुख्यतः वाराणसी में है, पर अयोध्या में दीप-और-भक्ति का अद्भुत संगम मिलता है शांतिपूर्ण, आध्यात्मिक। ट्रैवेल टिप: सरयू घाट पर शाम की घाट पर सजावट का आनंद लें, स्थानीय व्यंजन-मिठाई चखें, और मंदिर-घाट दोनों का अनुभव करें। Dev Diwali Travel Destinations
पुष्कर (राजस्थान)
राजस्थान का पुष्कर में झील-घाटों के आसपास दीप-प्रकाश और लोक-संगीत-नृत्य का आनंद मिलता है। रिपोर्ट्स में यह स्थान दीप-उत्सव के लिए काफी प्रसिद्र है। यदि आप राजस्थान-के रंगों के साथ-साथ दीपों-दीयों का अनुभव चाहें, तो यह विकल्प बहुत अच्छा है। ट्रैवेल टिप: पोखर-मेला या स्थानीय कार्यक्रमों के समय चुनें; झील किनारे बैठे-बढ़े दीपों की छाया देखें, और हल्के गर्म कपड़े रखें क्योंकि रात में ठंड हो सकती है।
4.चित्रकूट (उत्तर प्रदेश वे मध्य प्रदेश सीमा)
चित्रकूट वह पावन भूमि है जहाँ श्रीराम, सीता और लक्ष्मण ने वनवास का अधिकांश समय बिताया था। यहाँ की मंदाकिनी नदी को उतनी ही पवित्र माना जाता है जितनी गंगा या सरयू। देव दीपावली पर जब रामघाट पर हजारों दीये जलते हैं, तो ऐसा लगता है मानो पूरा चित्रकूट स्वयं रामलला के आगमन का स्वागत कर रहा है। रामघाट देव दीपावली की शाम को यहाँ दीपों की पंक्तियाँ, आरती और भजन संध्या होती है। कामदगिरि पर्वत परिक्रमा भक्त दीपोत्सव से पहले या अगले दिन यहाँ परिक्रमा करते हैं। हनुमान धारा और सती अनुसुइया आश्रम जैसे स्थल भी दर्शन योग्य हैं। यहाँ का माहौल वाराणसी से अलग अधिक शांत और आत्मिक होता है। परिवार या सोलो ट्रिप दोनों के लिए उत्तम है।
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की नगरी उज्जैन में देव दीपावली पर विशेष आयोजन किए जाते हैं। यहाँ इसे “कार्तिक पूर्णिमा दीपोत्सव” के रूप में मनाया जाता है। शिप्रा नदी के घाटों पर दीपदान और भव्य गंगा आरती जैसी ‘शिप्रा आरती’ आयोजित की जाती है। रामघाट (शिप्रा नदी) पर दीपोत्सव का मुख्य आयोजन है। महाकाल कॉरिडोर और महाकालेश्वर मंदिर दर्शन इस दिन विशेष सजावट और पूजा होती है। काल भैरव मंदिर में भी भक्त दीप जलाकर आरती करते हैं। रात में शिप्रा के घाटों पर हजारों दीप झिलमिलाते हैं और मंदिरों की घंटियां वातावरण को आध्यात्मिक बना देती हैं। यह अनुभव किसी आध्यात्मिक यात्रा से कम नहीं होता। Dev Diwali Travel Destinations
6.प्रयागराज (उत्तर प्रदेश)
तीर्थराज प्रयाग राज जहाँ गंगा, यमुना और सरस्वती का संगम होता है देव दीपावली पर दीपों की रौनक देखते ही बनती है। संगम घाट, नागवासुकी मंदिर और अखिल भारतीय अखाड़ों द्वारा आयोजित दीपदान इसे विशेष बनाते हैं त्रिवेणी संगम घाट: यहाँ हजारों दीये प्रवाहित किए जाते हैं। पानी में तैरते दीपों का दृश्य अद्भुत होता है कुंभ क्षेत्र और संगम रोड: इस इलाके में रंगोली, आरती और लोक-सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं।अलोपशंकर मंदिर व नागवासुकी मंदिर के दर्शन भी शुभ माने जाते हैं। गंगा-यमुना के संगम पर जलते दीपों का प्रतिबिंब जीवनभर की याद बन जाता है। यहाँ की शांति, श्रद्धा और सामूहिक आरती आत्मा को सुकून देती है। Dev Diwali Travel Destinations