
Tulsi Care Tips[/caption]
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा की एयरकंडीशनर का पानी मिनरल वाटर की तरह होता है। इसके अंदर पोषण से भरपूर गुण भी होते हैं। अगर आपका पौधा हर रोज पानी देने के बावजूद नहीं पनप रहा और आपके एयरकंडीशनर का पानी थोड़ा बहुत ऊपर से गिरता है या फिर नीचे बाल्टी में आप उसे इकट्ठा करते हैं तो उस पानी को रोजाना तुलसी के ऊपर स्प्रे करें और थोड़ा सा जड़ में भी लगाएं फिर देखिए आपका तुलसी का पौधा कैसे हरा भरा होकर आपके मन को खुश करता है।
नीम की खली का खाद से अगर पौधा लगाएं काफी दिन हो गए हैं और अब उसे पौष्टिकखाद की जरूरत है स्कूल तो आप थोड़ी सी नीम की खाली ले उसको एक गिलास पानी में डूबा दें और जब वह शाम को पूरी तरह से फूल जाए तो उसमें दो गिलास पानी और मिलकर पौधे के गमले में डाल दें।
Tulsi Care Tips: गोबर का बना कंपोस्ट खाद
अगर आपके पास नीम की खाली नहीं है और अपने अपने और पौधों के लिए कंपोस्ट खाद मंगा कर रखी है तो गोबर से बने कंपोस्ट का तुलसी के लिए बहुत बेहतरीन होती है। आप थोड़ी सी कंपोस्ट देकर गमले की गुड़ाई करके पौधे में डाल दें और मिट्टी में हल्के हाथ से अच्छी तरह से मिला दें थोड़ा सा पानी डालें।
गमले में हमेशा अधिक पानी न बना रहे पूजा के बाद आप गमले में हर रोज आप तुलसी में पानी लगते हैं जल चढ़ाते हैं लेकिन ध्यान रहे गमले में जितने पानी की जरूरत हो उतना ही दे क्योंकि अधिक पानी से तुलसी में फंगस लग जाती है तुलसी का गमला हमेशा बहुत गिला नहीं बना रहना चाहिए। जब पानी सूख जाए तभी अगला पानी दें। ऐसे ध्यान रखें की पर्याप्त मात्रा में थोड़ा ही पानी दें जो मिट्टी मेंअधिक नमी न बनाए रखें।चाय बनाने के लिए या तुलसी के प्रयोग के लिए जब भी तुलसी के पत्ते को तोड़े तो उन्हें बुरी तरह से नोच कर ना तोड़े बल्कि हल्के हाथ से नाखून की सहायता से उसके ऊपर की कोंपल को तोड़े और नीचे का हिस्सा दूसरे हाथ से पकड़े ताकि पूरी टहनी को खींचातानी में नुकसान ना हो और नीचे टहनी को हाथ से पकड़े ताकि पूरे तनी को नुकसान न पहुंचे।
गुड़ाई जब पौधा की माटी हल्की सुखी हो तब किसी नुकीली चीज से या चम्मच के पिछले सिरे से या पेचकस अथवा फॉक सेउसे मिट्टी की समय-समय पर गुड़ाई करें। ऐसा करने से मिट्टी को हवा पानी ऑक्सीजन लेने में आसानी रहती है।
Tulsi Care Tips: बराबर कंपोस्ट खाद डालकर करें सिंचाई
पौधा लगाने से पहले गमले की मिट्टी विशेष ढंग से बनाई जानी चाहिए जिसमें तीन हिस्सा मिट्टी एक हिस्सा रेतीली मिट्टी थोड़ी सी सूखी पत्तियों का चूरा और थोड़ा सा कंपोस्ट खाद बराबर बराबर मिलना चाहिए।
तुलसी लगाने से पहले पौधे की मिट्टी तैयार करने की प्रक्रिया। जब आप नए गमले में नया पौधा लगाए तो पहले गमले में जो फालतू पानी निकासी के लिए छेद होता है वहां पर एक या दो कंकड़ रख दें ताकि उसका मुंह मिट्टी से बना हो जाए उसके बाद उसमें सूखी पत्तियों का चूरा डालें। इसके बाद थोड़ी सी मिट्टी डालें मिट्टी डालने के बाद खाद डालें, एक बार फिर से सूखी पत्तियों का चूरा डालें फिर मिट्टी डालें और फिर से थोड़ा सा कंपोस्ट खाद में लाएं।। पतली पतली इस इस तरह तैयार की गई मिट्टी के लेयर पौधे के लिए बेहतरीन मिट्टी तैयार कर देती है। ऐसी तैयार मिट्टी में पौधे को हवा पानी कंपोस्ट खाद आसानी से मिल जाता (इस तरह से आप अपने घर आंगन में तुलसी को पौधे को हरा भरा रख सकते हैं और आपका पौधा ऐसा लगेगा जैसे अभी अभी आपने नर्सरी से लाकर लगाया है)
मीना कौशिक
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