बिंदास होकर खेलें होली, ये तरीके रखेंगे आपकी स्किन का ख्याल

होली के रंगों का मजा लेने के लिए जरूरी है कि आप अपनी त्वचा और सेहत का ध्यान रखें। केमिकल वाले रंग त्वचा में जलन, दाने और छिलके पैदा कर सकते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको बताया गया है कि होली से पहले और बाद में कौन‑कौन से उपाय अपनाएं।

Holi Skin Care
Holi Skin Care Tips
locationभारत
userअसमीना
calendar24 Feb 2026 03:41 PM
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होली रंगों का त्योहार है और इसे हर कोई बड़े उत्साह से मनाना पसंद करता है लेकिन आजकल बाजार में मिलने वाले रंगों में कई केमिकल्स होते हैं जो हमारी त्वचा और सेहत के लिए हानिकारक हो सकते हैं। कुछ रंगों में लेड और सीसा तक मिला होता है जिससे त्वचा में छिलके, दाने, जलन और चकत्ते जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए होली खेलने से पहले कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बहुत जरूरी है, ताकि आप सुरक्षित और खुशहाल होली मना सकें।

फेस पर ऑयल लगाना बिल्कुल न भूलें

होली पर चेहरे की त्वचा को रंगों से बचाने का सबसे आसान तरीका है सुबह उठकर अपने फेस पर ऑयल लगाना। आप सरसों या नारियल का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं। भले ही चेहरा थोड़ा ग्रीसी दिखे लेकिन इससे रंग आसानी से त्वचा में प्रवेश नहीं कर पाएगा। ऑयल त्वचा की एक प्राकृतिक परत बनाता है और रंगों से होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोकता है।

सनस्क्रीन लगाना बेहद जरूरी

अगर आप ऑयल नहीं लगाना चाहते हैं तो चेहरे पर पेट्रोलियम जेली की मोटी परत लगा सकते हैं। इसके अलावा, ओपन एरिया में होली खेलने के दौरान सनस्क्रीन का इस्तेमाल करना न भूलें। इससे त्वचा न केवल रंगों से बल्कि धूप से भी सुरक्षित रहती है। सनस्क्रीन और जेली दोनों मिलकर एक सुरक्षा कवच का काम करते हैं।

नेल्स और होंठों का रखें खास ख्याल

होठ और नाखून भी रंगों से प्रभावित हो सकते हैं। होंठों पर लिप बाम जरूर लगाएं ताकि रंगों से घाव या जलन न हो। नाखूनों को सुरक्षित रखने के लिए ट्रांसपेरेंट नेलपेंट का इस्तेमाल करें। लड़के और लड़की दोनों इसे लगा सकते हैं। नेलपेंट नाखूनों की सतह पर एक परत बनाता है और रंगों के सीधे संपर्क से बचाता है।

कपड़ों का रखें बेहद ध्यान

होली पर सिर्फ चेहरे की सुरक्षा काफी नहीं है। शरीर के अन्य हिस्सों को भी रंगों से बचाना जरूरी है। इसलिए फुल स्लीव्स वाले कपड़े पहनें और हाथ-पैरों पर ऑयल की परत लगाएं। फुटवियर ऐसा चुनें जो पैरों को पूरी तरह कवर करे और ग्रिप अच्छी हो ताकि आप सुरक्षित तरीके से खेल सकें।

ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों का इस्तेमाल

सबसे अच्छा तरीका है कि आप केवल ऑर्गेनिक और नेचुरल रंगों का ही इस्तेमाल करें। अगर मार्केट के रंग में केमिकल्स हों तो घर पर ही लिक्विड रंग तैयार कर सकते हैं। साथ ही अपने दोस्तों और परिवार से भी रिक्वेस्ट करें कि वे केवल नेचुरल रंगों से ही होली खेलें।

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userअसमीना
calendar24 Feb 2026 12:43 PM
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होली का त्यौहार आते ही मथुरा-वृंदावन का ख्याल हर किसी के मन में आता है। यह जगह अपनी रंगीन लठमार होली के लिए तो मशहूर है ही लेकिन यहां के व्यंजन भी आपकी यात्रा को यादगार बना देते हैं। ब्रज की गलियों में घूमते हुए अगर आप इन चटपटे और मीठे खाने का स्वाद न लें तो आपका अनुभव अधूरा रह जाएगा। इस होली अगर आप कुछ अलग और स्वादिष्ट अनुभव करना चाहते हैं तो यहां के ये 8 फेमस फूड्स जरूर ट्राई करें।

माखन मिश्री (Makhan Mishri)

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बेड़ई और आलू की सब्जी (Bedai with Aloo Sabzi)

ब्रज की सुबह की शुरुआत बेड़ई के बिना अधूरी सी लगती है। यह एक खास तरह की पूड़ी होती है जो आटे और उड़द की दाल के पेस्ट से तैयार की जाती है। गरमा-गरम तली हुई बेड़ई को तीखी और चटपटी आलू की सब्जी के साथ परोसा जाता है। खास बात यह है कि इस आलू की सब्जी में प्याज और लहसुन का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

मथुरा के पेड़े (Peda)

अगर आप मीठे खाने के शौकीन हैं तो मथुरा के पेड़े जरूर ट्राई करें। खोया, चीनी और घी से बने ये पेड़े थोड़े दानेदार होते हैं और इनका स्वाद बहुत गहरा होता है। ऊपर से डाली गई इलायची की खुशबू इसे और भी खास बना देती है।

ठंडाई (Thandai)

होली का त्यौहार ठंडाई के बिना अधूरा है। दूध, केसर, गुलाब की पंखुड़ियां, सौंफ और ढेर सारे मेवे मिलाकर बनाई जाने वाली ठंडाई ब्रज की होली की जान है। इसे पीते ही शरीर में नई ऊर्जा का एहसास होता है।

मटका लस्सी (Matka Lassi)

होली की भागदौड़ और रंगों के बीच कुछ ठंडा मिल जाए तो मजा और बढ़ जाता है। मटका लस्सी बहुत गाढ़ी और क्रीमी होती है। इसमें दही, चीनी और गुलाब का सिरप होता है और ऊपर से मलाई व ड्राई फ्रूट्स डालकर सर्व किया जाता है।

आलू टिक्की चाट (Aloo Tikki Chaat)

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Gujiya
गुजिया रेसिपी
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userअसमीना
calendar23 Feb 2026 03:44 PM
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होली का त्योहार रंगों और मस्ती का है लेकिन इसके बिना स्वादिष्ट पकवान अधूरे लगते हैं। खासकर गुजिया जो होली की शान मानी जाती है पर अगर आप हेल्दी विकल्प चाहते हैं तो बेक्ड गुजिया आपके लिए परफेक्ट है। यह बिना तेल के बनती है फिर भी स्वाद में कम नहीं है। इस होली पर आप इसे ट्राई करके अपने परिवार और दोस्तों को खुश कर सकते हैं।

बेक्ड गुजिया क्यों खास है?

गुजिया सिर्फ मिठाई नहीं बल्कि होली का प्रतीक भी है। आमतौर पर इसे मैदा, मावा, चीनी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार किया जाता है पर आजकल लोग स्वास्थ्य पर ध्यान देते हैं। इस वजह से बेक्ड गुजिया बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। यह स्वादिष्ट, क्रिस्पी और हल्की होती है। साथ ही यह खाने में भी हल्की लगती है और तेल से बनने वाली गुजिया की तुलना में कम कैलोरी वाली होती है।

होली का त्यौहार

हिंदू पंचांग के अनुसार, होली फाल्गुन माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है। पहले दिन होलिका दहन होता है और अगले दिन रंगों वाली होली। इस साल होलिका दहन 3 मार्च को और रंगों वाली होली 4 मार्च को होगी। इस मौके पर घरों में पकवानों की तैयारी शुरू हो जाती है और बेक्ड गुजिया हेल्दी और स्वादिष्ट विकल्प बन जाती है।

बेक्ड गुजिया कैसे बनाएं?

सामग्री

बाहरी परत के लिए

  • मैदा
  • नमक
  • रिफाइंड तेल
  • पानी

फीलिंग के लिए

  • खोया
  • नारियल बुरादा
  • काजू
  • चीनी
  • इलाइची पाउडर
  • किशमिश
  • चिरौंजी

बेक्ड गुजिया की विधि

  • एक बाउल में मैदा, नमक, तेल और पानी डालकर डो अच्छी तरह गूंथ लें।
  • डो को सूती कपड़े से कुछ मिनट के लिए ढककर रखें।
  • डो को बेलें और गुजिया का लिफाफा बनाने के लिए सिरों को सील करें। फिर इसे धीरे-धीरे रोल करके फोल्ड करें।
  • फीलिंग की सारी सामग्री एक बाउल में मिलाएं। हर रोल में एक चम्मच फीलिंग रखें और गुजिया का आकार दें।
  • सभी गुजिया को बेकिंग ट्रे में रखें और हल्का दूध लगाएं।
  • ओवन को 230 डिग्री पर प्रीहीट करें और गुजिया को 25-30 मिनट तक बेक करें।
  • सुनहरी और क्रिस्पी बेक्ड गुजिया बनकर तैयार है।
  • बेक्ड गुजिया को ठंडा करके सर्व करें। आप इसे थोड़ी पिसी हुई ड्राई फ्रूट्स या इलाइची पाउडर से सजाकर और भी आकर्षक बना सकते हैं। यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए पसंदीदा होगी।

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