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Valley of Flowers Travel Tips: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह जगह फूलों की अनगिनत प्रजातियों और शानदार पहाड़ी नजारों के लिए जानी जाती है।

How To Reach Valley of Flowers: अगर आप पहाड़ों की खूबसूरती, ताजी हवा और रंग-बिरंगे फूलों के बीच कुछ यादगार पल बिताना चाहते हैं तो उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स आपके लिए एक बेहतरीन जगह हो सकती है। मानसून के मौसम में यह घाटी किसी जादुई दुनिया जैसी नजर आती है। चारों तरफ खिले सैकड़ों तरह के फूल और बर्फ से ढकी चोटियों का नजारा हर किसी का दिल जीत लेता है। हर साल हजारों पर्यटक इस खूबसूरत जगह को देखने पहुंचते हैं लेकिन यहां जाने से पहले कुछ जरूरी बातें जान लेना बेहद जरूरी है ताकि आपकी यात्रा आरामदायक और यादगार बन सके।
उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित वैली ऑफ फ्लावर्स अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह जगह फूलों की अनगिनत प्रजातियों और शानदार पहाड़ी नजारों के लिए जानी जाती है। मानसून के दौरान यहां की हरियाली और फूलों की रंगत देखते ही बनती है। यही वजह है कि इसे यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में भी शामिल किया गया है।
वैली ऑफ फ्लावर्स तक पहुंचने के लिए सबसे पहले उत्तराखंड के गोविंदघाट पहुंचना होता है। यहां से घांघरिया तक ट्रैकिंग या अन्य उपलब्ध साधनों की मदद से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद घांघरिया से करीब 4 किलोमीटर की पैदल यात्रा करके वैली ऑफ फ्लावर्स पहुंचा जाता है। यह ट्रैकिंग मार्ग प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है और रास्ते भर खूबसूरत दृश्य देखने को मिलते हैं।
करीब 87 वर्ग किलोमीटर में फैले इस राष्ट्रीय उद्यान में 600 से अधिक प्रजातियों के फूल पाए जाते हैं। यहां ऑर्किड, प्रिमुला, पॉपी और कई दुर्लभ हिमालयी फूल देखने को मिलते हैं। जुलाई और अगस्त के महीनों में घाटी सबसे ज्यादा रंगीन दिखाई देती है क्योंकि इस समय अधिकांश फूल पूरी तरह खिल चुके होते हैं।
हालांकि वैली ऑफ फ्लावर्स जून से अक्टूबर तक पर्यटकों के लिए खुली रहती है लेकिन जुलाई और अगस्त का समय सबसे बेहतर माना जाता है। इस दौरान घाटी फूलों से पूरी तरह ढकी रहती है और मौसम भी बेहद खूबसूरत होता है। अगर आप फूलों का सबसे सुंदर रूप देखना चाहते हैं तो इसी समय यात्रा की योजना बनाएं।
वैली ऑफ फ्लावर्स में प्रवेश के लिए परमिट लेना अनिवार्य है। बिना परमिट किसी भी पर्यटक को अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलती। यह परमिट घांघरिया से प्राप्त किया जा सकता है। यात्रा के दौरान अपने साथ आधार कार्ड, वोटर आईडी या कोई अन्य पहचान पत्र जरूर रखें क्योंकि इसकी जरूरत पड़ सकती है।
वैली ऑफ फ्लावर्स सुबह 7:30 बजे से पर्यटकों के लिए खुलती है और शाम 5 बजे तक खुली रहती है। शाम होने से पहले घाटी से वापस लौटना जरूरी होता है क्योंकि वहां रुकने की व्यवस्था नहीं है। इसलिए अपनी यात्रा की योजना समय को ध्यान में रखकर बनाएं।
पहाड़ी इलाकों में मौसम कब बदल जाए इसका अंदाजा लगाना मुश्किल होता है। इसलिए यात्रा पर निकलते समय कुछ जरूरी चीजें साथ रखना बेहद जरूरी है। रेनकोट या पोंचो, मजबूत ट्रैकिंग शूज, गर्म कपड़े, पानी की बोतल, ड्राई फ्रूट्स और हल्के स्नैक्स अपने बैग में जरूर रखें। इसके अलावा कैमरा या मोबाइल की बैटरी पूरी तरह चार्ज रखें क्योंकि यहां के नजारे तस्वीरों में कैद करने लायक होते हैं।
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