
Hindi Kavita – हार के पीछे जीत छुपी है, तेरे कर्मों पे तेरी तकदीर टिकी है। हिम्मत न हार बस आगे बढ़, हर रात के पीछे सुबह खडी है।
रख हौसलों में इतना दम, के दुखों की कमर तोड़ दे। जिस पथ पे कांटे हो बिछे उस पथ पे कलिया बिखेर दे।
न बाल बांका कर सके, तेरा कोई कहीं कभी। तू ऐसी एक चट्टान बन, जो शत्रुओं का रास्ता रोक दे।
———————————————— यदि आपको भी कविता, गीत, गजल और शेर ओ शायरी लिखने का शौक है तो उठाइए कलम और अपने नाम व पासपोर्ट साइज फोटो के साथ भेज दीजिए चेतना मंच की इस ईमेल आईडी पर- chetnamanch.pr@gmail.com हम आपकी रचना को सहर्ष प्रकाशित करेंगे।