
Hindi Kavita –
देखा देखी मैंने भी फाइलों में कुछ पेड़ लगाए कुछ छायादार, कुछ फलदार किस्म किस्म के पेड़ मंगाए पर्यावरण रक्षा का इससे बेहतर विकल्प नहीं था जो पेड़ धरा पर उगे थे उन्ही के संग फोटो खिंचाये अखबार में वह फोटो छपाकर सबूत पुख्ता किया मैंने जो बजट आया था इस बाबत उसे ठिकाने लगाया मैंने भूल गया था अंध लालच में स्वांस मैं भी लेता हूं आक्सीजन मुझे भी चाहिए फिर धोखा मैं क्यूं देता हूं गर, ईमानदारी से हम सबने धरा पर पेड़ लगाए होते चारों तरफ हरियाली होती स्वास्थ्य अच्छा पाए होते।
- श्रीगोपाल नारसन
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