मुस्तक़िल बोलता ही रहता हूं...पेश है जॉन एलिया के कुछ चुनिंदा शेर

John Alia 1

Jaun Elia Shayari

locationभारत
userRP Raghuvanshi
calendar08 Nov 2024 09:29 PM
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चेतना दृष्टि
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