
Madhya Pradesh News : मध्य प्रदेश की पुण्यभूमि पर लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती को अत्यंत गरिमा और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहिल्याबाई के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनके आदर्श आज भी प्रदेश की नीतियों और जनहितकारी योजनाओं में जीवंत रूप से प्रतिबिंबित हो रहे हैं।
भोपाल में आयोजित देवी अहिल्याबाई महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “यह मध्य प्रदेश के आठ करोड़ नागरिकों के लिए गौरव का विषय है कि पुण्यश्लोक देवी अहिल्याबाई होलकर की जन्मत्रिशताब्दी के उपलक्ष्य में एक वर्षव्यापी समारोह की शुभ शुरुआत प्रदेश की पावन धरती से हो रही है। इस पहल हेतु हम प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से कृतज्ञ हैं।”
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देवी अहिल्याबाई के शासनकाल को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि उन्होंने शासन को केवल सत्ता नहीं, सेवा का माध्यम माना। उन्होंने न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों का संरक्षण किया, बल्कि समाज में समरसता, आत्मनिर्भरता और न्यायप्रिय प्रशासन की मजबूत नींव रखी। उनके द्वारा देश के कोने-कोने में लगभग 130 मंदिरों का पुनर्निर्माण, घाटों और धर्मशालाओं की स्थापना तथा अन्न क्षेत्र और पूजन व्यवस्था का संचालन किया गया। देवी अहिल्याबाई ने भारत की सांस्कृतिक चेतना को एकसूत्र में पिरोने का ऐतिहासिक कार्य किया।
सीएम यादव ने विशेष रूप से देवी अहिल्याबाई द्वारा महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में किए गए ऐतिहासिक प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “लोकमाता ने नारी सम्मान और स्वावलंबन को सामाजिक व्यवस्था का अभिन्न अंग बनाया। चाहे महिला सैन्य टुकड़ी का गठन हो या महिलाओं को संपत्ति में अधिकार, विधवा पुनर्विवाह को मान्यता या दहेज प्रथा पर रोक — उनके निर्णय युगांतरकारी थे।” उन्होंने आगे बताया कि सैनिकों की विधवाओं के लिए महेश्वर में महेश्वरी साड़ी उद्योग की स्थापना कर उन्होंने नारी स्वावलंबन का एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया, जो आज भी प्रासंगिक है।
देवी अहिल्याबाई के प्रशासन में महेश्वर न केवल सत्ता का केन्द्र रहा, बल्कि कला, शिल्प, साहित्य, शिक्षा और उद्योग का भी समृद्ध स्थल बना। उनके शासन में सूचना व्यवस्था, पंचायती राज, न्यायिक व्यवस्था, सुरक्षा, ग्रामीण और शहरी नियोजन जैसी व्यवस्थाओं ने एक आदर्श प्रशासनिक मॉडल प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देवी अहिल्याबाई का जीवन भगवान शिव की भक्ति और समाजसेवा को समर्पित रहा। उनका योगदान केवल अतीत की गौरवगाथा नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी मार्गदर्शक है। Madhya Pradesh News