
हाल ही में महाराष्ट्र विधानसभा में एक विधेयक पेश किया गया है, जिसका उद्देश्य वाहनों पर लगने वाले टैक्स(Tax on Cars) को बढ़ाना और अतिरिक्त राजस्व उत्पन्न करना है। इस विधेयक के अनुसार, वाहनों की खरीदारी पर टैक्स की वृद्धि से आम जनता की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ेगा, क्योंकि उन्हें अधिक शुल्क चुकाने होंगे।
महाराष्ट्र मोटर वाहन कर अधिनियम 2025 के तहत बाइक, ट्राईसाइकिल, मोटरकार, और ओमनी बस जैसे वाहनों पर एकमुश्त कर की अधिकतम सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, सीएनजी और लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) वाहनों पर भी टैक्स में एक प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। इस बढ़ोतरी से सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदारों को वित्तीय झटका लग सकता है।
यह विधेयक परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने विधानसभा में पेश किया। इस प्रस्ताव के अनुसार, महाराष्ट्र में सीएनजी गाड़ियों की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिससे राज्य के नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
महाराष्ट्र बजट 2025-26 में प्रस्तावित है कि 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 6 प्रतिशत मोटर वाहन टैक्स(Tax on Cars) लगाया जाएगा। इसके साथ ही, सीएनजी और LPG वाहनों पर टैक्स में 1 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले वाहनों जैसे क्रेन और कम्प्रेसर पर भी 7 प्रतिशत का टैक्स लागू किया जाएगा। इसके अलावा, 7500 किलोग्राम तक के मैटेरियल के परिवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों पर भी एकमुश्त 7 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा।
इस टैक्स वृद्धि के बाद, 1 अप्रैल 2025 से सभी संबंधित वाहनों की कीमतों में वृद्धि हो जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार को इस कदम से अगले एक साल में 1300 करोड़ रुपये की कमाई होने की उम्मीद है।Tax on Cars