
हाल के वर्षों में आर्मेनिया (Armenia) ने भारतीय रक्षा उपकरणों में गहरी रुचि दिखाई है। यह भारत के मजबूत रक्षा उत्पादन और विश्वसनीय सैन्य तकनीक का प्रमाण है। आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारात मिर्जोयान के अनुसार, उनका देश भारत से रक्षा उपकरणों की खरीद को लेकर गंभीर है, खासकर क्षेत्रीय सुरक्षा चिंताओं के मद्देनजर।
आर्मेनिया (Armenia) को अपने पड़ोसी देश अज़रबैजान से सैन्य खतरा है, जिसके चलते वह अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने के लिए उन्नत तकनीकी हथियारों की तलाश में है। भारत ने अपनी सैन्य तकनीक को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है, जिससे आर्मेनिया के लिए यह एक महत्वपूर्ण साझेदार बन गया है।
भारत और आर्मेनिया (Armenia) के बीच रक्षा संबंध केवल हथियारों की आपूर्ति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसमें सैन्य प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग भी शामिल है। आर्मेनिया के सैनिकों को भारतीय रक्षा संस्थानों में प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके साथ ही, भारत ने आर्मेनिया को रक्षा सहयोग प्रदान कर अपने कूटनीतिक हितों को भी मजबूत किया है।
रक्षा उपकरणों की खरीद में आर्मेनिया ने अपनी दिलचस्पी जताई है और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा समझौते की संभावना भी बढ़ी है। इसके अलावा, आर्मेनिया BRICS समूह में ऑब्जर्वर का दर्जा प्राप्त करने का इच्छुक है, जिससे दोनों देशों के सैन्य संबंधों में और गहराई आएगी।
आर्मेनिया (Armenia) के भारत से रक्षा संबंधों का भविष्य बहुत ही सकारात्मक नजर आ रहा है, और यह दोनों देशों के लिए सामरिक और कूटनीतिक दृष्टिकोण से लाभकारी होगा।Armenia :