मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में 12 Cheetah फिर से आने वाले हैं। यह जानकारी पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के द्वारा दी गयी। बताया गया कि इस बार Cheetah दक्षिण अफ्रीका से लाये जा रहे हैं। इस समझौते पर पिछले सप्ताह ही हस्ताक्षर किये गए हैं और बताया जा रहा है कि लगभग 15 फ़रवरी तक चीते भारत पहुँच सकते हैं।
इसी महीने पहुँचने वाले थे Cheetah
नाम न जाहिर करने के अनुरोध पर अधिकारी ने बताया कि पहले तो सात नर और पांच मादा Cheetah इसी महीने भारत पहुँचने वाले थे किन्तु दक्षिण अफ्रीका में कुछ प्रक्रियाओं में विलम्ब होने के कारण उन्हें भारत आने में देरी हो रही है। बताया गया कि दक्षिण अफ्रीका में भारत भेजे जाने वाले Cheetah को पृथक वास में रखा गया है।
पिछले वर्ष भी भारत आये थे Cheetah
वर्ष 2022 में आठ चीते नामिबिया से भारत लाये गए थे और इन्हें भी मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में छोड़ा गया था। भारत के प्रधानमंत्री मोदी जी ने यह कार्य अपने जन्मदिन के मौके पर किया था। दक्षिण अफ्रीका से भारत लाये जाने वाले चीतों को नामिबिया से लाये गए चीतों के साथ ही रखा जाएगा। भारत के दक्षिण अफ्रीका से हुए इस समझौते के अंतर्गत हर वर्ष भारत को दर्जन भर चीते भेजें जाएंगे।
वर्ष 1948 में आखिरी बार दिखे थे चीते
भारत में वर्ष 1948 में आखिरी बार चीतों को देखा गया था और राजा रामनुज सिंहदेव ने तीन चीतों का शिकार भी किया था। इसके बाद वर्ष 1952 में भारत में चीतों को विलुप्त प्रजाति का दर्जा दे दिया गया था। इसके बाद वर्ष 1970 में ईरान से चीतों को भारत लाने की चर्चा हुई किन्तु यह प्रयास सफल नहीं हो पाया। भारत में जिस जगह पर इन चीतों को लाकर छोड़ा गया है वहाँ के कुछ ग्रामीणों को अपना घर भी छोड़ना पड़ा।