
राष्ट्रपति सुबियांतो ने इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती से मुलाकात कर हमले पर शोक प्रकट किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि "हमारे यहां इस्लाम ऐसा नहीं सिखाता।" उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि पहलगाम में हुआ हमला इस्लाम की मूल शिक्षाओं का अपमान है और इस्लाम किसी भी रूप में हिंसा या आतंक का समर्थन नहीं करता।
प्रबोवो सुबियांतो ने आतंकवादी गतिविधियों को इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इंडोनेशियाई इस्लाम सहिष्णुता, शांति और संवाद की सीख देता है — न कि खून-खराबे की। उन्होंने इस अवसर पर लोकतंत्र के भीतर संतुलित सैन्य हस्तक्षेप की भी वकालत की, जो किसी भी देश की स्थिरता के लिए आवश्यक है।
हालांकि उन्होंने पाकिस्तान का नाम सीधे नहीं लिया, लेकिन उनका संदेश स्पष्ट था — हथियार छोड़िए और वार्ता का रास्ता अपनाइए। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पाकिस्तान पर आतंक को परोक्ष समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं। इंडोनेशिया जैसे बड़े मुस्लिम देश द्वारा इस तरह का बयान पाकिस्तान के लिए एक मजबूत कूटनीतिक संकेत है। इंडोनेशियाई राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनका देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है। दोनों देशों ने इस अवसर पर आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और सुरक्षा मामलों में आपसी समझ बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। Pahalgam Terror Attack :