International News : एक थी महारानी, सिर्फ किताबों में पढ़ी होगी ऐसी शाही जिंदगी की कहानी
भारत
चेतना मंच
09 Sep 2022 06:24 PM
London : लंदन। एक था राजा, एक थी रानी। हम किताबों में कई राजा रानियों की कहानियां पढ़ चुके हैं। कुछ इतिहास के पन्नों में दर्ज हैं। लेकिन, हम आज एक ऐसी शख्सियत की बात करने जा रहे हैं, जिनकी आलीशान जिंदगी के बारे में जानकर यही कहेंगे, ‘एक थी रानी।’ पीएम मोदी की ठाठ पर चुटकियां लेने वालों को महारानी एलिजाबेथ की शाही जिंदगी के बारे में भी जानना जरूरी है। ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने आठ सितंबर-2022 को स्कॉटलैंड के ‘बाल्मोरल कैसल’ में अपनी जिंदगी को अलविदा कह दिया। उनके निधन के बाद उनकी शाही जिंदगी की कई ऐसी दास्तान राजमहल से बाहर आईं, जिसकी कल्पना किसी ने न की होगी। करीब 50 हजार एकड़ में फैले 1,116 करोड़ रुपये के इस भव्य किले की मालकिन क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय ही थीं। ये किला तो महज एक बानगी है। लंदन की रॉयल फैमिली और क्वीन की शाही जिंदगी में ऐसे कई महल, ताज, बग्घी और गाड़ियां थीं।
दुनिया के मशहूर पत्रिका फोर्ब्स की रिपोर्ट मुताबिक ब्रिटेन की रॉयल फैमिली के सबसे बड़े पद पर बैठने वाले राजा या रानी के नाम कुल 28 बिलियन डॉलर यानी 2.23 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। इनमें दो तरह की संपत्ति होती है। पहला, राज परिवार के सबसे बड़े पद ‘द क्राउन’ के नाम पर संपत्ति और दूसरा उस पद पर बैठने वाले राजा या रानी की निजी संपत्ति। इसे ऐसे समझिए कि बकिंघम पैलेस का किला राज परिवार के सबसे बड़े पद ‘द क्राउन’ के नाम की संपत्ति है, जबकि स्कॉटलैंड का ‘बाल्मोरल कैसल’ एलिजाबेथ द्वितीय की निजी संपत्ति है। जो अब उनके बेटे के नाम होगी। क्राउन के नाम पर जो संपत्ति है, वह इस पद पर बैठे व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं होती है और ना ही यह संपत्ति सरकार की होती है। इस संपत्ति पर क्राउन स्टेट बोर्ड का कंट्रोल होता है।
ब्रिटेन के राजा या रानी के नाम पर कुल 2.23 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति है। आइये जानते हैं उनका ब्योरा। राजा या रानी के क्राउन पद के नाम पर संपत्ति 1.55 लाख करोड़ रुपये। बकिंघम पैलेस की कुल कीमत 39 हजार करोड़ रुपये, डची ऑफ कॉर्नवाल के नाम पर संपत्ति 10 हजार करोड़ रुपये। केनसिंग्टन पैलेस की कीमत 5 हजार करोड़ रुपये। डची ऑफ लैंकास्टर के नाम पर संपत्ति 5.96 हजार करोड़ रुपये। स्कॉटलैंड में क्राउन के नाम पर कुल संपत्ति 4.71 हजार करोड़ रुपये।
फोर्ब्स की रिपोर्ट मुताबिक, रानी एलिजाबेथ 4 हजार करोड़ रुपये की निजी संपत्ति की मालकिन थीं। इनमें उनका निवेश, आर्ट, कीमती पत्थर और रियल एस्टेट शामिल हैं। सैंडरिंघम हाउस और बाल्मोरल किला भी रानी की निजी संपत्ति है। क्वीन एलिजाबेथ द्वीतीय के ग्लैमरस और लग्जरी लाइफ का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिस बकिंघम में वह 70 साल रही, उसमें 775 कमरे और 78 बाथरूम हैं। यही नहीं, क्वीन के ताज को 2900 कीमती पत्थरों से सजाया गया था। इस ताज की कीमत करीब 4500 करोड़ रुपये है। इस ताज में भारत का कोहिनूर हीरा भी जड़ा है। ताज के साथ अगर रानी के पास मौजूद दूसरे कीमती पत्थरों की कीमत जोड़ें तो वह करीब 31 हजार करोड़ रुपये है। यही नहीं, अलग-अलग महारानी के पास कलर के 200 से ज्यादा हैंडबैग थे, जिसे अक्सर अपने साथ लेकर वह बाहर निकलती थीं। महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को लैंड रोवर कार बेहद पसंद थी, जिसका नाम डिफेंडर था।
रिपोर्ट मुताबिक साल, 2020 में राज परिवार से जुड़े संपत्ति से 3.78 हजार करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी। उसका केवल 25 फीसदी हिस्सा शाही परिवार को मिला, बाकी 75 फीसदी हिस्सा ब्रिटिश ट्रेजरी में गया था।
ब्रिटेन की रॉयल फैमिली के कई शाही रिवाज भी हैं। शाही परिवार के ये परंपरागत रिवाज इतने मजबूत होते हैं कि उन्हें तोड़ पाना किसी के लिए भी मुश्किल होता है। आइये जानते हैं इन रिवाजों के बारे में। ब्रिटेन के रॉयल फैमिली के सदस्यों को किसी से प्यार होता है तो प्रपोज करने से पहले रानी की अनुमति लेनी होती है। हालांकि प्रिंस हैरी और मेगन मर्केल का रिश्ता अपवाद है। दरअसल, शाही परिवार और क्वीन इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे कि प्रिंस हैरी उस महिला से शादी करें, जो पहले से तलाकशुदा है। लेकिन, हैरी इस रिश्ते से पीछे हटने को तैयार नहीं थे और अंत में क्वीन ने इसकी मंजूरी दे दी।
रॉयल फैमिली का एक रिवाज यह भी है कि सार्वजनिक मौकों पर कोई भी महारानी या राजा से आगे नहीं चल सकता है। यहां तक कि उनके पति प्रिंस फिलिप भी उनसे कुछ कदमों की दूरी पर चलते थे। हालांकि, जुलाई 2018 में एक सार्वजनिक समारोह में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप आगे निकल गए थे। इस वजह से उन्हें आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा था।
एक रिवाज यह भी है कि रॉयल फैमिली के किसी सदस्य की मौत पर राज परिवार के सभी लोग काले रंग का कपड़ा पहनते हैं। 1952 में जब किंग जॉर्ज-सिक्स का निधन हुआ था, तो महारानी एलिजाबेथ द्वितीय अपने पति प्रिंस फिलिप के साथ केन्या के दौरे पर थीं। जब उन्हें इस बात की सूचना मिली थी तो शोक में शामिल होने के लिए उनके पास ब्लैक ड्रेस नहीं थी। इसलिए लंदन वापसी करते समय उन्हें दूसरे रंग के कपड़ों में लौटना पड़ा था।