
Tariff : आज के वैश्विक व्यापारिक परिप्रेक्ष्य में भारत के लिए एक नई संभावना और अवसर उभरकर सामने आ रहा है। Apple, जो पहले अपने अधिकांश iPhone मॉडल्स चीन में बनवाता था, अब भारत को अपने प्रोडक्शन हब के रूप में देख रहा है। Bloomberg की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में Apple ने भारत में 8 अरब डॉलर की बिक्री की और पिछले एक साल में 22 अरब डॉलर (लगभग 1.83 लाख करोड़ रुपये) के iPhones का उत्पादन किया है। यही नहीं, दुनियाभर में बिकने वाले हर पांच iPhones में से एक अब भारत में ही बनाया जा रहा है। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों में भारी बदलाव को दर्शाता है, जब भारत का योगदान लगभग शून्य था।
आइए जानते हैं कि Apple के भारत में उत्पादन की बढ़ती प्रक्रिया और इसके कारण भारत में किस तरह के अवसर उत्पन्न हो रहे हैं:
Apple ने अब भारत में अपने सभी मॉडल्स, यहां तक कि प्रीमियम टाइटेनियम Pro मॉडल्स भी असेंबल करना शुरू कर दिया है। तमिलनाडु और कर्नाटक में स्थित Foxconn, Tata Electronics और Pegatron जैसी कंपनियां iPhone की असेंबली करती हैं। इससे भारत में प्रौद्योगिकी क्षेत्र में नई दिशा मिल रही है। Tariff
भारत में iPhone की डिमांड लगातार बढ़ रही है, हालांकि Apple का मार्केट शेयर केवल 8% है। फिर भी, भारत में iPhones की मांग में बढ़ोतरी हो रही है, जो दर्शाता है कि भारतीय बाजार Apple के लिए महत्वपूर्ण बनता जा रहा है।
Apple ने चीन पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए भारत को अपने उत्पादन केंद्र के रूप में चुना। कोविड-19 लॉकडाउन, अमेरिका-चीन व्यापारिक तनाव और चीन पर अमेरिकी टैरिफ के कारण Apple ने भारत में उत्पादन को बढ़ाने का निर्णय लिया। जब अमेरिका ने चीन से आने वाले iPhones पर 145% तक टैरिफ लगाया, तब Apple ने भारत से अमेरिका में iPhones भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
Foxconn, Apple की सप्लाई चेन कंपनी, उत्तर प्रदेश के नोएडा में 300 एकड़ ज़मीन पर एक नया प्लांट स्थापित करने की योजना बना रही है। यह प्लांट बेंगलुरु के बाद Foxconn की दूसरी सबसे बड़ी फैक्ट्री हो सकती है, जिससे भारत में iPhone निर्माण में और भी तेजी आएगी। इसके साथ-साथ, Foxconn अन्य तकनीकी उत्पादों जैसे इलेक्ट्रिक गाड़ियां और डिजिटल हेल्थ पर भी काम करने की योजना बना रहा है। Tariff
भारत Apple के लिए एक आदर्श मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। यहां पर कुशल श्रमिकों की उपलब्धता, सरकार द्वारा दी जा रही PLI (प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव) स्कीम, और विशाल घरेलू बाजार के कारण भारत में उत्पादन का वातावरण काफी अनुकूल है। इसके अलावा, चीन जैसी राजनीतिक अस्थिरता भारत में नहीं है, जो Apple के लिए एक बड़ी राहत है।
भारत सरकार ने अपनी PLI स्कीम के माध्यम से विदेशी कंपनियों को भारत में उत्पादन बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया है। इसके तहत, सरकार ने 2.7 अरब डॉलर के इंसेंटिव पैकेज की घोषणा की है, जो विदेशी कंपनियों को भारत में उत्पादन के लिए आकर्षित कर रहा है।
अब भारत में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग केवल एक विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि यह Apple की एक प्रमुख रणनीति बन चुकी है। भारत अब न केवल एक बड़ी उत्पादन क्षमता वाले देश के रूप में उभरा है, बल्कि इसे तकनीकी क्षेत्र में एक वैश्विक केंद्र के रूप में देखा जा रहा है।
Apple के CEO टिम कुक ने हमेशा लंबी अवधि की रणनीति को अपनाया है। उनके नेतृत्व में, कंपनी ने भारत में निवेश बढ़ाया और इसका फायदा अब Apple को हो रहा है। कुक की दीर्घकालिक सोच और भारत की बढ़ती प्रौद्योगिकी क्षमता ने साबित कर दिया है कि भविष्य में iPhone की मैन्युफैक्चरिंग भारत में और भी ज्यादा होगी। Tariff :