World Pneumonia Day 2022- आज है विश्व निमोनिया दिवस, जाने कैसी हुई इस दिन को मनाने की शुरुआत
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:19 AM
World Pneumonia Day 2022- आज विश्व निमोनिया दिवस है। प्रतिवर्ष 12 नवंबर का दिन विश्व निमोनिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। निमोनिया एक ऐसी बीमारी है जो हर आयु वर्ग के लोगों के लिए चिंता का विषय है। खास तौर से बच्चों व बुजुर्गों के लिए यह बीमारी बहुत ही हानिकारक है। इसका बढ़ा हुआ स्तर जानलेवा भी साबित हो सकता है। इस बीमारी के कई प्रकार व लक्षण है। खासतौर से प्रदूषण का बढ़ता हुआ स्तर इस बीमारी के फैलने के प्रमुख कारणों में से एक है। इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिवर्ष 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है।
क्या है विश्व निमोनिया दिवस का इतिहास -
सर्वप्रथम 12 नवंबर 2009 को ग्लोबल कोलिशन अगेंस्ट चाइल्ड निमोनिया द्वारा इस दिन को मनाने की शुरुआत की गई थी। इसके बाद से हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस (World Pneumonia Day) मनाया जाने लगा हर साल इस दिन को सेलिब्रेट करने के लिए एक नई थीम निर्धारित की जाती है।
विश्व निमोनिया दिवस 2022 की थीम -
प्रतिवर्ष विश्व निमोनिया दिवस मनाने के लिए एक थीम निर्धारित की जाती है। साल 2022 के लिए जो थीम (World Pneumonia Day 2022 theme) निर्धारित की गई है वह है - "Championing the fight to stop Pneumonia" जिसका अर्थ है निमोनिया को रोकने की लड़ाई में चैंपियन बनना। इस थीम को निर्धारित करने का एकमात्र उद्देश्य यह है कि सभी को एकजुट होकर निमोनिया बीमारी को फैलने से रोकने व इस बीमारी के इलाज के प्रति जागरूक होकर इस बीमारी को खत्म करना है।
साल 2013 में डब्ल्यूएचओ ने निमोनिया और डायरिया से होने वाली मौतों को समाप्त करने के लिए एक अभियान की शुरुआत की थी, जिसका एकमात्र उद्देश्य था साल 2026 तक बच्चों एवं बुजुर्गों को इन जानलेवा बीमारियों से पूरी तरह से सुरक्षित करना।
विश्व निमोनिया दिवस के अवसर पर तरह तरह के अभियान चलाकर लोगों को इस बीमारी की गंभीरता को समझाते हुए सुरक्षित रहने के लिए जागरूक किया जाता है।
क्या है निमोनिया और इसके लक्षण -
निमोनिया एक ऐसी बीमारी है जिसमें संक्रमण के कारण फेफड़ों में सूजन आ जाता है। यह अधिकतर बैक्टीरियल इंफेक्शन के कारण फैलता है। जो फेफड़ों को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है।
इस बीमारी के लक्षण -
बीमारी की शुरुआत आमतौर पर सर्दी जुकाम जैसी समस्याओं से होती है। जब संक्रमण बढ़ने लगता है तो तेज बुखार के साथ सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। सीने में दर्द की शिकायत भी होती है। छोटे बच्चों में बुखार नहीं आने पर भी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है। यह एक भयानक बीमारी है जिसका समय रहते इलाज ना किया जाए तो जानलेवा साबित हो सकती है।