World Radiography Day 2022- जानें इस दिन का इतिहास एवं महत्व
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 07:02 PM
World Radiography Day 2022- जब बात आती है रेडियोग्राफी टेक्निक की तो हर किसी के मन में पहला विकल्प X- ray ही आता है। इसकी मदद से आज मेडिकल क्षेत्र बहुत आगे बढ़ गया है और शरीर के अंदर जो भी समस्या चल रही होती है उसका पता इससे लगाया जाता है। लेकिन रेडियोग्राफी मात्र X- ray तक ही सीमित नहीं है, इसका क्षेत्र काफी विस्तृत हो गया है। अब एमआरआई, सीआर एवं एंजियोग्राफी आदि में भी रेडियोग्राफी तकनीक का प्रयोग किया जाने लगा है। इन सबकी मदद से डॉक्टर मरीज के शरीर के अंदर की पूरी जानकारी आराम से प्राप्त कर पाते हैं और उसी के अनुसार मरीजों का ट्रीटमेंट कर पाते हैं।
ये सच में बहुत बड़ा आविष्कार है। रेडियो टेक्निक आज पूरी दुनिया में छाई हुई है। ऐसे में इसके महत्व को समझाने के लिए और इस क्षेत्र में होने वाले विकास से लोगों को रूबरू कराने के लिए हर साल 8 नवंबर को वर्ल्ड रेडियोग्राफी डे मनाया जाता है। वर्ल्ड रेडियोग्राफी डे को मनाने का उद्देश्य ही यही है कि लोगों को रेडियो क्षेत्र में होने वाले विकास से वाकिफ कराया जा सके। आज 8 नवंबर यानी रेडियोग्राफी डे है। इसीलिए इस मौके पर आइये जानते हैं इसके इतिहास एवं महत्व को।
वर्ल्ड रेडियोग्राफी डे का इतिहास:- (History of World Radiography Day)
8 नवंबर 1895 में X-ray की खोज की थी। इसकी खोज जर्मनी वारबर्ग यूनिवर्सिटी के फिजिक्स के प्रोफेसर विल्हेम कॉनरैड रॉएंटजेन ने की थी। जब इस तकनीक को विकसित किया गया था तो इसका इस्तेमाल करना काफी मुश्किल हुआ करता था। फिर वक़्त के साथ इसमें काफी बदलाव होते गए और आज लगभग हर जगह धड़ल्ले से रेडियोग्राफी तकनीक का ही इस्तेमाल किया जाता है ताकि शरीर के अंदर चल रही किसी भी समस्या का पता लगाया जा सके। पहली बार वर्ल्ड रेडियोग्राफी डे 2012 में मनाया गया था और तभी से हर साल X- ray के आविष्कार के दिवस के दिन इस दिन को मनाया जाता है।
वर्ल्ड रेडियोग्राफी डे का महत्व:- (Importance of World Radiography Day)
हर साल इस विशेष दिन को X- ray की खोज के रूप।में मनाया जाता है। इन दिन का विशेष महत्व है। इस दिन को लोगों के बीच मेडिकल इमेजिंग के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए मनाया जाता है। इससे लोगों को ये बताया जाता है कि उन्हें रेडियो टेक्निक से क्या क्या लाभ हुए हैं। अभी भी गांव में या शहर में भी कुछ ऐसे लोग हैं जो रेडियो तकनीक को इस्तेमाल करने से घबराते हैं। ऐसे में लोगों को जागरूक करना ही इस दिन को मनाने का लक्ष्य है।