जम्मू-कश्मीर में अब 'बेडरूम जिहादी' सुरक्षा एजेंसियों के लिए नया खतरा
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 01:40 AM
भारत
RP Raghuvanshi
29 Nov 2025 01:40 AM
Bedroom Jihadi : जम्मू-कश्मीर में अब 'बेडरूम जिहादी' सुरक्षा एजेंसियों के लिए नया खतरा बन चुके हैं। ये आतंकवाद के पारंपरिक तरीकों से अलग हैं। ये लोग हथियार और बारूद लेकर नहीं, बल्कि अपने घर से ही डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके अशांति और सांप्रदायिक तनाव फैलाते हैं।
बेडरूम जिहादी कौन हैं और कैसे काम करते हैं :
1. फर्जी खबरें फैलाना :
ये लोग हजारों आनलाइन चैट ग्रुप और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर झूठी खबरें और अफवाहें फैलाकर सामाजिक अशांति पैदा करते हैं। इनका मकसद शब्दों और डिजिटल संदेशों के जरिए युवाओं और आम लोगों के दिमाग पर असर डालना है।
2. फर्जी खातों का उपयोग :
सीमा पार से फैलाए गए अफवाहों को आगे बढ़ाने के लिए ये लोग एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे प्लेटफार्मों पर फेक प्रोफाइल बनाते हैं और उन्हें सक्रिय रूप से इस्तेमाल करते हैं।
3. डिजिटल स्पेस में घुसपैठ :
स्थानीय जम्मू-कश्मीर आॅनलाइन ग्रुप्स में भड़काऊ सामग्री और दुष्प्रचार फैलाकर पूरे क्षेत्र में दंगे और सांप्रदायिक विभाजन करने की कोशिश की जाती है।
खतरा क्यों गंभीर है :
सुरक्षा एजेंसियां पारंपरिक आतंकवादियों के खिलाफ अभियान चलाकर जंगलों में छिपे आतंकियों को पकड़ रही हैं, लेकिन बेडरूम जिहादी डिजिटल माध्यमों से हिंसा और अशांति का नया खतरा पैदा कर रहे हैं। ये लोग घर से ही आतंक फैलाने का काम करते हैं, जिसे रोकना और पहचानना दोनों चुनौतीपूर्ण हो गया है। यह नया खतरा आॅनलाइन और वर्चुअल माध्यम से फैलने वाला आतंकवाद है, जो जम्मू-कश्मीर के सामाजिक और सांप्रदायिक माहौल को अस्थिर करने की कोशिश करता है।