फिल्म जगत पर टूटा दुखों का पहाड़, मशहूर हास्य और चरित्र अभिनेता सतीश शाह नहीं रहे
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 11:51 PM
फिल्म व टीवी जगत के मशहूर हास्य और चरित्र अभिनेता सतीश शाह का निधन हो गया है। वे करीब 74 वर्ष के थे और बताया जा रहा है कि किडनी संबंधी बीमारी से लंबे समय से जूझ रहे थे। इस खबर ने मनोरंजन उद्योग में शोक की लहर दौड़ा दी है। Death of the Actor :
उनकी कला और उपलब्धियाँ
सतीश शाह ने 1970-80 के दशक से लेकर हाल के वर्षों तक हिंदी सिनेमा और दूरदर्शन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्हें प्रमुख रूप से टीवी सीरियल साराभाई वर्सस साराभाई में इंद्रवदन साराभाई के किरदार से पहचाना जाता है, जो आज भी लोकप्रिय है। फिल्मों में भी उन्होंने कई यादगार भूमिकाएँ निभाईं जैसे जाने भी दो यारो, कॉ हो ना हो, मैं हूँ ना आदि। सतीश शाह ने अपने करियर में ढेरों फिल्मों में काम किया। हालांकि उन्हें घर-घर में फेमस टीवी शो 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में इंद्रवदन साराभाई उर्फ इंदु के रोल ने बनाया था। इस कॉमेडी शो में सतीश का काम कमाल था। सतीश का जन्म गुजरात के मांडवी में हुआ था। उन्होंने जेवियर कॉलेज से पढ़ाई करने के बाद फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से पढ़ाई की थी। 1972 में सतीश की शादी डिजाइनर मधु शाह से हुई थी। कोरोना काल में उन्होंने वही कोविड का सामना किया था। सतीश शाह ने अपने करियर की शुरुआत बॉलीवुड की फिल्म से की थी। उनकी पहली पिक्चर 'भगवान परशुराम' थी। इसके बाद 'अरविंद देसाई की अजीब दास्तान', 'गमन', 'उमराव जान', 'शक्ति', 'जाने भी दो यारों', 'विक्रम बेताल' जैसी फिल्मों में वो नजर आए। बॉलीवुड में सतीश शाह ने कई अलग-अलग फिल्मों में काम किया। लेकिन टेलीविजन इंडस्ट्री में जो दम-खम उन्होंने दिखाया, वो एकदम अलग था। 1984 में आया उनका सिटकॉम 'ये जो है जिंदगी', आज भी याद किया जाता है। इस शो के 55 एपिसोड में सतीश ने 55 अलग किरदारों को निभाया था। इसके बाद 1995 में आए शो 'फिल्मी चक्कर' में उन्हें प्रकाश का रोल निभाया था। इसके बाद उन्होंने 'साराभाई वर्सेस साराभाई' में काम किया। 'फिल्मी चक्कर' और 'साराभाई वर्सेस साराभाई', दोनों में ही उनकी जोड़ी एक्ट्रेस रत्ना पाठक शाह संग जमी थी। माया साराभाई और इंद्रवदन साराभाई की नोकझोंक और मस्ती दर्शकों को खूब पसंद थी।
निधन और शोक
सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को दर्ज किया गया है। उनका जाना सिर्फ उनके प्रशंसकों के लिए बल्कि टीवी-फिल्म इंडस्ट्री के लिए भी एक बहुत बड़ी क्षति है। कई साथियों, दर्शकों और मीडिया ने उनके प्रति अपनी संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। सतीश शाह ने हास्य और चरित्र दोनों ही प्रकार की भूमिकाओं में अपनी छाप छोड़ी। यह आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने ये संभव किया। उनकी नौकरी-जीवन ने यह दिखाया कि कैसे स्थिरता, विविधता और निरंतरता किसी अभिनेता की लंबी उम्र की कुंजी होती है। उनका जाना इसलिए भी संवेदनशील है क्योंकि वे जूझ रहे कलाकारों के लिए एक प्रेरणा बने।