जब इंस्पेक्टर ही रहा एक महीने तक डिजिटल अरेस्ट, गंवाए 71 लाख
Digital Arrest
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 10:59 AM
Digital Arrest : आजकल साइबर क्राइम का बोलबाला है, न जाने कब कौन इनका शिकार हो जाए यह कहना कठिन है। कितना भी लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जा रहा हो, साइबर क्राइम के मामले दिन-ब-दिन बढ़ते ही जा रहे हैं। पहले तो साइबर ठग सीधे साधे आम लोगों को अपना निशाना बनाते थे, लेकिन अब ये बैंक मैनेजर से लेकर पुलिस को अपना निशाना बना रहे हैं। इन साइबर ठगों के झांसे में आकर लोग अपनी जिंदगी भर की कमाई गंवा देते हैं। अब एक मामला मध्य प्रदेश के ग्वालियर से सामने आया है, जहां एक इंस्पेक्टर के साथ साइबर ठगों ने उसे डिजिटल अरेस्ट कर उससे 71 लाख रुपये ठग लिए।
पुलिस इंस्पेक्टर को ही किया डिजिटल अरेस्ट
अब साइबर ठग पुलिस वालों को भी अपना निशाना बनाने से नहीं चूकते हैं। अभी ताजा घटनाक्रम में एक पुलिस इंस्पेक्टर अवसार अहमद जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उनका परिवार लखनऊ में रहता है। खुद इंस्पेक्टर अवसाद अहमद ग्वालियर के टेकनपुर में स्थित बीएसएफ अकादमी में पदस्थ हैं और वह यहां अकेले रहते हैं। ठगों ने उन्हें ही डिजिटल अरेस्ट कर लिया, इस क्रम में ठगों ने उन्हें बताया कि वह मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंस चुके हैं और उन्हें परिवार के किसी भी सदस्य से इस बारे में बात न करने की बात कही गई। उन्हें ठगों ने इस मामले को रफादफा करने के लिए धीरे धीरे करके उनसे 71 लाख रुपये ठग लिए। इस दौरान ठगों ने उन्हें करीब एक महीने तक डिजिटली अरेस्ट किए रखा और उन्हें लूटते रहे। Digital Arrest
71 लाख रुपये की ठगी के शिकार बने इंस्पेक्टर
पुलिस इंस्पेक्टर होने के बावजूद अवसार अहमद एक महीने तक साइबर ठगों के शिकार बनके डिजिटल अरेस्ट रहे। इस बीच परिवार के किसी भी सदस्य को इस बारे में नहीं बताया। इस एक महीने के दौरान बीच-बीच में ठगों ने उनसे कई बार अलग अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराए। अवसाद अहमद ने इस दौरान 5 बार आरटीजीएस और 29 बार यूएनआई के जरिए करीब 71 लाख रुपये से ज्यादा ठगों को ट्रांसफर कर दिए। इसके लिए उन्होंने दिल्ली में मौजूद अपनी जमीन तक बेच दी और सारा जमा पैसा ठगों के सुपुर्द कर दिया। एक पुलिस इंस्पेक्टर होते हुए उन्हें भान भी नहीं हुआ कि वे साइबर ठगी के शिकार बने हुए हैं। उन्होंने इस एक महीने में अपनी जीवन भर की कमाई ठगों के हवाले कर दिया। Digital Arrest
बेटे की सजगता के बाद पुलिस से शिकायत
साइबर ठगों के चंगुल में डिजिटल अरेस्ट के दौरान बीच बीच में जब अवसार अहमद कि अपने बेटे से बात होती, तो वह अक्सर परेशान रहते थे। उसके बाद 2 जनवरी को जब बातचीत में उनके बेटे को शक हुआ और उसने परेशानी की वजह पूछी, तब जाकर उन्होंने सारी बात अपने बेटे को बताई। इसके बाद उनका बेटा दिल्ली से टेकनपुर आया। उसने सारी स्थिति समझते हुए पिता को हिम्मत दी और पिता के साथ हुई ठगी की शिकायत की। उन्होंने ग्वालियर एसपी से मुलाकात की। साइबर पुलिस ने केस में एफआईआर दर्ज कर ली है, साथ ही मामले की जांच भी शुरू कर दी है। इस तरह एक पुलिस इंस्पेक्टर को अपना सारा धन गंवाने के बाद एक महीने बाद डिजिटल अरेस्ट से निजात मिल सकी।