कर्नाटक सरकार मुस्लिम समुदाय को देगी आरक्षण, जानें योजना
Karnataka Reservation
भारत
चेतना मंच
06 Mar 2025 07:06 PM
Karnataka Reservation : कर्नाटक में हाल ही में एक विवाद तब उभरा जब मीडिया में खबरें आईं कि राज्य सरकार सरकारी ठेकों में मुस्लिम समुदाय को 4% आरक्षण देने की योजना बना रही है। इन खबरों के अनुसार, सिद्धारमैया सरकार कर्नाटक ट्रांसपेरेंसी इन पब्लिक प्रोक्योरमेंट्स एक्ट, 1999 में संशोधन करके मुस्लिम ठेकेदारों को यह आरक्षण प्रदान करने पर विचार कर रही थी। वर्तमान में, सरकारी ठेकों में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति समुदायों को 24% आरक्षण, ओबीसी श्रेणी-1 को 4% और ओबीसी श्रेणी-2ए को 15% आरक्षण मिलता है, जिससे कुल आरक्षण 43% होता है। यदि मुस्लिम समुदाय को 4% आरक्षण दिया जाता, तो यह कुल आरक्षण 47% तक पहुंच जाएगा।
भाजपा ने तुष्टिकरण की राजनीति कहा
इन खबरों के बाद, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए इसे तुष्टिकरण की राजनीति कहा और दावा किया कि धर्म आधारित आरक्षण संविधान के खिलाफ है। भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि यदि मुसलमानों को यह कोटा दिया जाता है, तो यह स्पष्ट नहीं है कि यह आरक्षण किसके हिस्से से कटेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि तेलंगाना में भी मुसलमानों को 4% आरक्षण दिया गया है, जो सामाजिक रूप से पिछड़े समुदायों के लिए निर्धारित हिस्से को प्रभावित कर रहा है।
ऐसा कोई आरक्षण का प्रस्ताव ही नहीं
हालांकि, बढ़ते विवाद के बीच, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम समुदाय को सरकारी ठेकों में आरक्षण देने का कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि यह सही है कि मुस्लिमों को सरकारी ठेकों में आरक्षण देने की मांग की गई है, लेकिन इस संबंध में राज्य सरकार ने इस तरह का कोई प्रस्ताव पेश नहीं किया है। यह स्पष्ट है कि वर्तमान में कर्नाटक सरकार के पास मुस्लिम समुदाय को सरकारी ठेकों में आरक्षण देने का कोई सक्रिय प्रस्ताव नहीं है, लेकिन इस विषय पर चर्चा और विवाद जारी है।