सरकार के भरोसे के बाद भी डल्लेवाल नहीं लेंगे अन्न, मेडिकल हेल्प लेंगे
Kishan Andolan
भारत
चेतना मंच
19 Jan 2025 10:08 PM
Kishan Andolan : शनिवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव प्रिय रंजन खनूरी बॉर्डर पर पहुंचे। खनूरी बॉर्डर पर उन्होंने आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से मुलाकात की। पंजाब-हरियाणा के शंभू और खनुरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को लेकर 14 फरवरी को चंडीगढ़ में बैठक होगी। इस बैठक में उन्होंने डल्लेवाल को इलाज लेने के लिए राजी किया और केंद्र से बैठक का निमंत्रण दिया। अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने अन्न ग्रहण करने से मना कर दिया, हालांकि वे इलाज लेने को राजी हो गए।
आमरण अनशन को हो गए आज 55 दिन
किसानों की समस्या को लेकर खनूरी बॉर्डर पर आमरण अनशन पर बैठे डल्लेवाल के अनशन को आज 55 दिन हो गए हैं। केंद्र से निमंत्रण के बाद उनके राजी होने पर डॉक्टरों की एक टीम ने डल्लेवाल को ग्लूकोज चढ़ाया। केंद्र की ओर से आए निमंत्रण में कहा गया है कि उम्मीद है कि डल्लेवाल जल्द ही अपना अनशन खत्म करेंगे और बैठक में शामिल होंगे। हालांकि डल्लेवाल ने किसानों की मांगों के पूरी होने पर ही अपना आमरण अनशन तोड़ने की बात कही है।
चंडीगढ़ में होगी मंत्रियों की बैठक
किसानों की मांगों को लेकर बुजुर्ग किसान नेता ने आज 55 दिन से आमरण अनशन कर रखा है। सरकार ने बैठक में शामिल होने का निमंत्रण पत्र भेजा है। निमंत्रण पत्र में कहा गया है कि संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा की मांगों को लेकर भारत सरकार और पंजाब सरकार के मंत्रियों की बैठक 14 फरवरी को महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट में होगी। केंद्रीय कृषि सचिव प्रिय रंजन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आमरण अनशन पर बैठे डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर केंद्र चिंतित है। हम यहां समाधान खोजने के लिए आए हैं, केंद्रीय अधिकारियों ने डल्लेवाल से भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की, लेकिन डल्लेवाल ने ऐसा करने से इनकार कर दिया। वे मांगों के पूरी होने तक आमरण अनशन जारी रखने को दृढ़ संकल्प हैं।
डल्लेवाल पर दबाव बनाया जा रहा है
किसान नेता काका सिंह कोकरा ने दावा किया है कि केंद्र सरकार द्वारा डल्लेवाल पर कुछ खाकर भूख हड़ताल खत्म करने का दबाव डाला जा रहा है। भूख हड़ताल पर बैठे 121 किसानों ने कहा कि हम डल्लेवाल के साथ हैं और उनके साथ ही आमरण अनशन खत्म करेंगे। किसान डल्लेवाल को मेडिकल सुविधाएं देने पर सहमत हुए हैं, डॉक्टरों ने कहा है कि डल्लेवाल के 14 फरवरी तक चिकित्सा सहायता पर जीवित रहने की संभावना नहीं है। इसलिए सरकार को किसानों की मांग मान लेनी चाहिए।
26 जनवरी पर कर सकते हैं दिल्ली कूच
केंद्र के न्योते के बाद अब सबकी निगाहें 26 जनवरी को होने वाले ट्रैक्टर मार्च पर होंगी। हालांकि, इससे पहले सरवन सिंह पंढेर ने भी दिल्ली चलो की घोषणा कर दी थी। हालांकि सरकार की तरफ से सुरक्षा के पूरे इंतेजाम हैं, फिर भी हालात बिगड़ने की संभावनाएं बनी हुई हैं। अगर सरकार ने किसानों की मांगों को पूरा नहीं किया तो किसान ट्रैक्टर मार्च करने को मजबूर होंगे, जो देश विदेश में केंद्र के खिलाफ एक किसान विरोधी मैसेज जाएगा, जिससे केंद्र सरकार बचना चाहती है।