
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी(Maulana Razvi) ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने वक्फ संशोधन बिल के विरोध में दिल्ली में धरना प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। उन्होंने कहा, "धरना प्रदर्शन करना संविधानिक अधिकार है, लेकिन रमजान का महीना खुदा की इबादत के लिए है, न कि धरना प्रदर्शन के लिए।" मौलाना ने स्पष्ट रूप से कहा कि रमजान के महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग इबादत और धार्मिक कार्यों में व्यस्त रहते हैं, और इस पवित्र माह में प्रदर्शन जैसे राजनीतिक कार्यों से उन्हें विचलित करना गलत है।
उन्होंने यह भी कहा कि साल के किसी भी समय प्रदर्शन किया जा सकता था, लेकिन रमजान के महीने में ही यह क्यों आयोजित किया गया। उनके अनुसार, इस तरह के प्रदर्शनों से धार्मिक माहौल को नुकसान हो सकता है और मुसलमानों को सही मार्गदर्शन से हटा दिया जाता है।
मौलाना (Maulana Razvi)ने यह भी कहा कि बोर्ड के जिम्मेदार लोग भारत में मुसलमानों को असुरक्षित बता रहे हैं, जबकि भारत में मुसलमान पूरी स्वतंत्रता के साथ अपने धार्मिक कार्यों को निभा रहे हैं। उन्होंने कहा, "भारत में मुसलमान सुरक्षित हैं। अगर किसी को असुरक्षा का अनुभव हो रहा है, तो उन्हें पाकिस्तान, अफगानिस्तान, और बांग्लादेश जैसे मुस्लिम देशों का दौरा करना चाहिए और वहां की स्थिति देखनी चाहिए।"
मौलाना(Maulana Razvi) ने यह भी कहा कि इन देशों में मुसलमानों की स्थिति बहुत खराब है और वहां के हालात देखकर लोग समझेंगे कि भारत में मुसलमान पूरी तरह सुरक्षित हैं।Maulana Razvi: