चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने वाले वकील के खिलाफ सरकार ने की कार्रवाई की मंजूरी
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 09:40 PM
चीफ जस्टिस आफ इंडिया (CJI) पर कोर्ट रूम में जूता फेंकने वाले वकील राकेश किशोर के खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई न होने पर लोगों में नाराजगी थी। अब सुप्रीम कोर्ट में यह बताया गया कि सॉलिसिटर जनरल ने वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए अपनी सहमति दे दी है। यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ था। प्रधानमंत्री ने घटना के कुछ ही घंटे बाद चीफ जस्टिस से फोन पर बात की थी, और देशभर में वकील के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी थी। सरकार ने इस दिशा में पहला कदम बढ़ाते हुए कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की सहमति दी है। New Delhi News :
सुनवाई में क्या हुआ
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जे. बागची की पीठ ने इस मामले पर चर्चा की। वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने पीठ को बताया कि अटॉर्नी जनरल ने अवमानना की कार्रवाई के लिए सहमति दे दी है। सॉलिसिटर जनरल ने भी इसे पुष्टि की और कोर्ट से अनुरोध किया कि आगे कार्रवाई की जाए। सिंह ने सोशल मीडिया पर इस घटना का महिमामंडन करने वाले पोस्ट पर रोक लगाने के लिए 'जॉन-डो' आदेश की मांग भी की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि चीफ जस्टिस ने उदारता दिखाई है, और इससे यह साबित होता है कि संस्था इस तरह की घटनाओं से प्रभावित नहीं होती।
सुप्रीम कोर्ट में भगवान विष्णु का जिक्र
सिंह ने कहा कि भगवान विष्णु भी इस हिंसा को सही नहीं ठहराएंगे और इसे भगवान का अपमान माना जा सकता है। जस्टिस सूर्यकांत ने पवित्र शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि हिंसा का समर्थन नहीं किया जा सकता। जस्टिस बागची ने सोशल मीडिया एल्गोरिदम के असर पर भी चर्चा की और कहा कि इस तरह की टिप्पणियों और वायरल पोस्ट से लोगों को आकर्षित करने वाला सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जिसे स्वाभाविक रूप से नियंत्रित होने देना चाहिए। इस तरह, सुप्रीम कोर्ट में वकील के खिलाफ कार्रवाई की कानूनी रूपरेखा तय की जा रही है, जबकि सोशल मीडिया और संवैधानिक निष्ठा को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। New Delhi News