अब पेंशन पर नहीं पड़ेगा महंगाई का असर! तैयार हो रहा है ऐसा प्लान
भारत
चेतना मंच
28 Oct 2025 02:37 PM
रिटायरमेंट के बाद महंगाई की चिंता अब अतीत की बात हो सकती है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में ऐसा बड़ा बदलाव लाने की तैयारी कर रही है, जिससे आपकी मासिक पेंशन सीधे महंगाई दर से जुड़ जाएगी। यानी, जैसे-जैसे महंगाई बढ़ेगी, आपकी पेंशन भी अपने आप बढ़ती जाएगी ताकि बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा बनी रहे। Pension Plan :
क्यों जरूरी है यह बदलाव
हर नौकरीपेशा या व्यवसायी व्यक्ति का सपना होता है सुरक्षित और आरामदायक रिटायरमेंट। लेकिन इस सपने के बीच सबसे बड़ी चुनौती है। आज की बचत क्या 20 साल बाद के खर्चों के लायक होगी? इसी सवाल का जवाब देने के लिए पीएफआरडीए ने एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इसका लक्ष्य है एनपीएस को केवल एक सेविंग्स स्कीम नहीं, बल्कि एक गारंटीड पेंशन सिस्टम में तब्दील करना।
मौजूदा सिस्टम की दिक्कत
एनपीएस की शुरुआत 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए हुई थी और 2009 में इसे सभी नागरिकों के लिए खोल दिया गया।
सालों में यह टैक्स बचत और रिटर्न दोनों के कारण लोकप्रिय हुआ है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी कमी यही रही कि यह रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं देता। रिटायरमेंट पर मिलने वाली राशि बाजार पर निर्भर रहती है, और निवेशक को खुद एन्युटी खरीदकर मासिक पेंशन तय करनी होती है।
नया प्रस्ताव 1: फ्लेक्सिबिलिटी + ग्रोथ वाला मॉडल
नया मॉडल उन निवेशकों के लिए है जो कुछ लचीलापन चाहते हैं। इसमें सिस्टमेटिक विथड्राल फार्म को एन्युटी के साथ जोड़ा जाएगा।
इसमें निवेशक को रिटायरमेंट पर उनके एन्युटी फंड का 4.5% हिस्सा मासिक पेंशन के रूप में मिलेगा। हर साल इसमें 0.25% की बढ़ोतरी होगी, जो 10 साल तक जारी रहेगी। 70 साल की उम्र के बाद शेष फंड से 20 साल की अवधि के लिए आजीवन एन्युटी ली जाएगी। इस योजना में न्यूनतम 20 साल का योगदान अनिवार्य रहेगा।
नया प्रस्ताव 2: महंगाई से जुड़ी फिक्स्ड पेंशन योजना
यह मॉडल सबसे क्रांतिकारी माना जा रहा है। इसमें निवेशक को हर महीने एक तय पेंशन मिलेगी और यह पेंशन महंगाई दर के अनुसार बढ़ती रहेगी। पहले साल में तय राशि मिलेगी, उसके बाद हर साल पेंशन को उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर बढ़ाया जाएगा।
अगर महंगाई बढ़ी, तो पेंशन भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी। इस मॉडल में भी कम से कम 20 साल का योगदान जरूरी रहेगा। इस गारंटी को टिकाऊ बनाने के लिए फंड को दो हिस्सों में बाँटा जाएगा। पहला स्थिर हिस्सा: सरकारी सिक्योरिटीज और हाई-रेटेड बॉन्ड में निवेश होगा। दूसरा ग्रोथ हिस्सा: लगभग 25% रकम इक्विटी में लगाई जाएगी ताकि महंगाई से मुकाबले के लिए बेहतर रिटर्न मिल सके। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो भारत में पहली बार ऐसा रिटायरमेंट मॉडल आएगा जो महंगाई को मात देने वाली पेंशन देगा। इससे पेंशनभोगियों को भविष्य की कीमतों की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और रिटायरमेंट के बाद भी उनकी क्रयशक्ति बरकरार रहेगी।