प्रणव सिंह चैंपियन ने जेल से उमेश कुमार को ललकारा, महापंचायत का ऐलान
Gurjar Mahapanchayt
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 09:00 AM
Gurjar Mahapanchayt : भाजपा नेता प्रणव सिंह चैंपियन और खानपुर के विधायक उमेश कुमार के बीच हुए विवाद और तनातनी के बाद हुए घटनाक्रम की गंूज चारों ओर हो रही है। इन दोनों के ही समर्थक काफी आक्रोश में हैं। उत्तराखंड में खानपुर के विधायक उमेश कुमार को रोशनाबाद कोर्ट में पेश किया गया था। सीजेएम अविनाश कुमार श्रीवास्तव ने सुनवाई के बाद जमानत दे दी है। वहीं, पूर्व विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की गिरफ्तारी पर गुर्जर समाज में आक्रोश है। रोशनाबाद कोर्ट के बाहर एकत्रित हुए गुर्जर समाज के लोगों ने इसी नाराजगी में महापंचायत का ऐलान कर दिया है। यह महापंचायत अपनी ताकत दिखाने के उद््देश्य से की जा रही है।
29 जनवरी को महापंचायत का निर्णय
गुर्जर समाज से ताल्लुक रखने वाले चैंपियन की गिरफ्तारी के बाद से गुर्जर समाज में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। इस मुद्दे को लेकर समाज के लोगों ने अपना रोष प्रकट करते हुए बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। गुर्जर महासभा ने 29 जनवरी को लक्सर के किसान इंटर कॉलेज में महापंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया है। महासभा के पदाधिकारियों का कहना है कि यह महापंचायत समाज के हितों और चैम्पियन की गिरफ्तारी के पीछे की वजहों पर चर्चा के लिए बुलाई गई है। गुर्जर समाज अपने साथ किसी भी तरह के अपमानजनक व्यवहार को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पूरे क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है
जब से यह घटना घटी है तभी से मामले को लेकर पूरे क्षेत्र में माहौल गरमाया हुआ है। महासभा के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। इस महापंचायत में बड़ी संख्या में समाज के लोगों के जुटने की उम्मीद है। गुर्जर समाज के नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उनके प्रतिनिधियों के साथ अन्याय हुआ तो समाज चुप नहीं बैठेगा। इसी बात को लेकर गुर्जर समाज ने महापंचायत का ऐलान किया है, ताकि इस घटना के बारे में बात करके समाज एक ठोस निर्णय तक पहुंच सके।
चैंपियन के जेल जाने के बाद गुर्जरों में आक्रोश
इस घटना को अंजाम देने वाले चैंपियन के जेल जाने के बाद हरिद्वार जिलाधिकारी ने उनके साथ-साथ उनकी पत्नी और बेटे के 9 शस्त्र लाइसेंसस निलम्बित किए हैं। साथ ही उन तीन व्यक्तियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है जो घटना के समय चैंपियन के साथ मौजूद थे। इस घटना के बाद जब चैंपियन को जेल जाना पड़ा तो उसके बाद से ही पूरा गुर्जर समाज आक्रोश से भर उठा और उसने 29 जनवरी को महापंचायत का ऐलान कर दिया।