प्रशांत किशोर को मिली जमानत, जानें आगे की प्लानिंग
Prashant Kishore Released
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 07:24 AM
Prashant Kishore Released : बिहार में बीपीएससी परीक्षा रद्द करने को लेकर अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पुलिस ने सोमवार तड़के सुबह 4 बजे गांधी मैदान से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद पटना में जबरदस्त हंगामा मच गया। हालांकि गिरफ्तारी के 8 घंटे बाद ही पीके को सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई। जिस बीपीएससी परीक्षा को रद्द करने को लेकर प्रशांत किशोर अनशन पर बैठे थे वह तो हुई नहीं। अब गिरफ्तारी के बाद आगे वो क्या करेंगे, इसकी चर्चा जोरों पर है।
गांधी मैदान में पटना पुलिस की घेराबंदी
प्रशांत किशोर को गांधी मैदान से अनशन पर बैठे रहने पर ही गिरफ्तार करने के बाद से ही पटना पुलिस ने गांधी मैदान की घेराबंदी कर दी है। पटना के डीएम चंद्रशेखर का कहना है कि गांधी मैदान में धरना नहीं किया जा सकता है। पुलिस ने पीके को उठाने के बाद गांधी मैदान को पूरी तरीके से खाली करा लिया है। अब देखना यह है कि अनशन पर बैठे पीके ने कहा था कि जब वे पुलिस की गिरफ्त से छूटेंगे, तब फिर गांधी मैदान में आकर बैठ जाएंगे। लेकिन जब पुलिस ने गांधी मैदान पूरा खाली करवाकर वहां घेराबंदी कर रखा है। जिसकी मानीटरिंग खुद डीएम चंद्रशेखर कर रहे हैं। ऐसे में यह सवाल उठना वाजिब है कि क्या पीके फिर गांधी मैदान में धरने पर कैसे बैठेंगे।
अवैध तरीके से प्रदर्शन करने पर पुलिस एक्शन लेगी
पटना के डीएम चंद्रशेखर का कहना है कि धरना और प्रदर्शन के लिए गर्दनीबाग में परमिशन की जरूरत होती है। बिना परमिशन के अनशन व प्रदर्शन करना अवैध होगा और अवैध तरीके से प्रदर्शन करने पर पुलिस एक्शन लेगी। अब तक के सिनेरियो को देखते हुए यह माना जा रहा है कि प्रशांत किशोर ने अपना अनशन खत्म नहीं किया है। पुलिस को पीके का मेडिकल टेस्ट कराने के लिए भी काफी जद्दोजहद करना पड़ा है। कहा जा रहा है कि पुलिस की गिरफ्त से छूटने के बाद पीके अनशन को फिर शुरू कर सकते हैं। जन सुराज से जुड़े सूत्रों के मुताबिक पीके अब गांधी मैदान की बजाय गर्दनीबाग जा सकते हैं। यहीं से अनशन करते हुए आगे की रणनीति तय करेंगे।
छात्रों का लगातार मिल रहा जनसमर्थन
पीके के अनशन को जारी रखने की एक बड़ी वजह छात्रों का लगातार मिल रहा जनसमर्थन है। जन सुराज से जुड़े लोगों का कहना है कि जब पीके 2 जनवरी को अनशन पर बैठे थे, तब शुरू में उनके साथ गिने-चुने अभ्यर्थी ही थे, लेकिन अनशन के पांचवें दिन यह संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा हो गई थी। इतना ही नहीं, अब तो पटना के कई शिक्षक प्रशांत के समर्थन में खुलकर आ गए हैं। ऐसे में प्रशांत इस बड़े मुद्दे को आसानी से हाथ से नहीं जाने देना चाहते हैं। चुनावी साल में प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी को जन सुराज पूरे तरीके से भुनाने की तैयारी में है। प्रशांत किशोर की गिरफ्तारी के जरिए जन सुराज सिंपैथी बटोरने की भी कोशिश में है। लोगोंं के बीच पैठ बनाने का इससे अच्छा मौका बारबार नहीं आता है, यह पीके और उनकी स्वराज पार्टी अच्छे से जानती है।
बिहार में साल के अंत में विधानसभा के चुनाव
सवाल बिहार में होने वाले चुनावों का भी है। अकेले बीपीएससी में 3 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए हैं, जो एक बड़ी संख्या है। बिहार में 18-40 साल के युवाओं की संख्या करीब 4 करोड़ है, जो कुल संख्या का 40 फीसद है। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा के चुनाव प्रस्तावित हैं। पीके की जन सुराज ने सभी 243 सीटों पर अकेले लड़ने की घोषणा कर चुकी है। अगर इस मुद््दे पर छात्र पीके के साथ जुटे रहते हैं तो उन्हें चुनाव में इसका भारी फायदा मिलने की संभावना है। इसीलिए प्रशांत किशोर के संगठन से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल पर उनकी गिरफ्तारी को लेकर कई इमोशनल वीडियो शेयर किए गए हैं। इस मौके को हाथ से पीके जाने देना नही िंचाहते हैं तो इसलिए उनका एक बार फिर अनशन पर बैठना तय है।