बाबा रामदेव को हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, दी तीखी प्रतिक्रिया
Sharbat Jihad
भारत
चेतना मंच
22 Apr 2025 06:47 PM
Sharbat Jihad : बाबा रामदेव के 'शरबत जिहाद' वाले बयान पर दिल्ली हाईकोर्ट ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कोर्ट ने इसे "पूरी तरह से अक्षम्य" और "कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोरने वाला" बताया है। यह टिप्पणी हमदर्द लेबोरेट्रीज द्वारा दायर मानहानि याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें रामदेव पर रूह अफजा के खिलाफ सांप्रदायिक बयान देने का आरोप लगाया गया था।
विवाद की पृष्ठभूमि
3 अप्रैल 2025 को बाबा रामदेव ने पतंजलि के गुलाब शरबत का प्रचार करते हुए एक वीडियो में दावा किया कि कुछ शरबत कंपनियाँ अपनी कमाई का इस्तेमाल मस्जिद और मदरसे बनाने में कर रही हैं। हालांकि उन्होंने किसी कंपनी का नाम नहीं लिया, लेकिन माना गया कि उनका इशारा हमदर्द की रूह अफजा की ओर था।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बयान को "पूरी तरह से अक्षम्य" बताया और कहा कि यह "कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोरता है"। कोर्ट ने बाबा रामदेव के वकील को निर्देश दिया कि वे सभी विवादित विज्ञापनों को हटाएं और भविष्य में इस तरह के बयान या विज्ञापन न देने का हलफनामा दाखिल करें। बाबा रामदेव ने अपने बयान का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। उन्होंने कहा, "रूह अफजा वालों ने खुद पर 'शरबत जिहाद' ले लिया। इसका मतलब है कि वे यह 'जिहाद' कर रहे हैं।"
अगली सुनवाई
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 1 मई 2025 को निर्धारित की है और बाबा रामदेव को 5 दिनों के भीतर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। इस विवाद ने देश में सांप्रदायिक सौहार्द और व्यापारिक नैतिकता पर नई बहस छेड़ दी है। कोर्ट ने बाबा रामदेव के बयान को निंदनीय बताते हुए उन्हें कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि ये बयान हमारी आत्मा को झकझोर देते हैं।