गुजरात में पुल टूटने से कई वाहन नदी में गिरे, 12 से अधिक लोगों की मौत
Tragic Bridge Accident
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:00 AM
भारत
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:00 AM
Tragic Bridge Accident : गुजरात के वडोदरा जिले में हुए इस दर्दनाक पुल हादसे ने न केवल राज्य की सड़कों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं, बल्कि यह पुराने इन्फ्रास्ट्रक्चर के रख-रखाव में सरकार की लापरवाही को भी उजागर करता है। यह घटना उस वक्त हुई जब लगभग 900 मीटर लंबा गंभीरा पुल महिसागर नदी के ऊपर बने पुल का एक स्लैब अचानक गिर गया, जिससे कई वाहन नदी में गिर गए और 12 से अधिक लोग अपनी जान गंवा बैठे। हादसे के बाद कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुल की स्थिति और सरकार की लापरवाही
हादसे के बाद विपक्षी दलों ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस पार्टी ने यह आरोप लगाया है कि कई बार सरकार को पुल की खराब स्थिति के बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने आरोप लगाया कि गुजरात मॉडल में भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है, और यह घटना इसका स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा, यह हादसा इस बात का गवाह है कि गुजरात के इन्फ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान नहीं दिया है और सरकार ने पुल के मरम्मत का कोई इंतजाम नहीं किया।
दुर्घटना भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा कर रहा
कांग्रेस के विधायक दल के नेता अमित चावड़ा ने भी कहा, हमने बार-बार सरकार से इस पुल की स्थिति सुधारने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने हमारी बातों को अनसुना किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह दुर्घटना इस बात का परिणाम है कि सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही को बढ़ावा दिया है।
घटनास्थल और बचाव कार्य
इस हादसे के बाद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जांच के आदेश दिए हैं और विशेषज्ञों को घटनास्थल पर भेजने का निर्देश दिया है। बचाव कार्य जारी है, जिसमें स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, वडोदरा नगर निगम और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर राहत कार्य शुरू किया है। राज्य सरकार ने सभी आवश्यक कदम उठाने का वादा किया है, लेकिन विपक्ष की आलोचना इस बात को लेकर है कि यह हादसा पहले ही टाला जा सकता था अगर पुल का ध्यान रखा जाता। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख और घायलों को 50,000 की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
भविष्य के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए?
विपक्ष और विभिन्न संगठनों ने यह सुझाव दिया है कि राज्य सरकार को सभी पुराने पुलों का जल्द से जल्द आॅडिट करना चाहिए और उनके फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने चाहिए। इसके साथ ही, सभी सार्वजनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके। हाल ही में मोरबी पुल की घटना भी ताजा याद दिलाती है, जिसमें पुल के गिरने से कई लोगों की जान चली गई थी।
कड़ी सुरक्षा जांच की जरूरत
यह हादसा एक गंभीर चिंता का विषय है और इसका तत्काल समाधान ढूंढना जरूरी है। राज्य सरकार को ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मजबूत कदम उठाने चाहिए। इसके तहत सभी पुराने पुलों और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर की जांच कराई जानी चाहिए और मरम्मत की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। न केवल गुजरात, बल्कि पूरे देश में इस प्रकार की घटनाओं के मद्देनजर सभी राज्य सरकारों को अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए, ताकि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रभावित क्षेत्र और यातायात
इस हादसे से वडोदरा और आनंद जिले को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग बाधित हो गया है। यह मार्ग सौराष्ट्र क्षेत्र के अन्य हिस्सों से जुड़ा हुआ है, जिससे पूरी क्षेत्रीय यात्रा पर असर पड़ा है। प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था शुरू कर दी है, लेकिन यह समस्या कुछ समय तक बनी रह सकती है। यह हादसा एक बार फिर से यह साबित करता है कि पुराने और जर्जर इन्फ्रास्ट्रक्चर का सही तरीके से रख-रखाव न होना हमारे समाज के लिए कितनी बड़ी मुसीबत बन सकता है। आगे के दिनों में क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखने वाली बात होगी।