15 सितंबर से बदल जाएंगे यूपीआई ट्रांजैक्शन के नियम, बड़े भुगतान होंगे आसान
भारत
चेतना मंच
14 Sep 2025 03:48 PM
नोटबंदी के बाद से देश में डिजिटल ट्रांजैक्शन का चलन लगातार बढ़ा है। अब अधिकांश लोग कैश रखने के बजाय मोबाइल ऐप्स जैसे फोन पे, गूगल पे या पेटीएम से लेनदेन करना पसंद करते हैं। सरकार और एनपीसीआई (नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन आॅफ इंडिया) समय-समय पर नए बदलाव कर डिजिटल पेमेंट को और सुगम बनाती रही है। इसी क्रम में 15 सितंबर से यूपीआई के नियमों में बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। UPI Transactions :
क्या बदलेगा?
एनपीसीआई ने घोषणा की है कि 15 सितंबर 2025 से यूपीआई के जरिए बड़े लेनदेन की लिमिट बढ़ा दी जाएगी। अब पर्सन-टू-मर्चेंट (पी2एम) पेमेंट यानी इंश्योरेंस प्रीमियम, लोन की ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल, निवेश या टैक्स पेमेंट जैसी कैटेगरीज में 24 घंटे में अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन संभव होगा। इन बदलावों से कैशलेस पेमेंट को बढ़ावा मिलेगा। बीमा, ईएमआई, क्रेडिट कार्ड बिल या निवेश जैसी बड़ी रकम अब सीधे यूपीआई से चुकाई जा सकेगी। इससे न सिर्फ सुविधा बढ़ेगी बल्कि डिजिटल इकोनॉमी को भी मजबूती मिलेगी।
नई लिमिट्स
* पी2एम ट्रांजैक्शन : प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख रुपये तक, डेली लिमिट 10 लाख रुपये।
* क्रेडिट कार्ड पेमेंट : एक बार में 5 लाख रुपये, डेली लिमिट 6 लाख रुपये।
* लोन ईएमआई : प्रति ट्रांजैक्शन 5 लाख रुपये, डेली लिमिट 10 लाख रुपये।
* कैपिटल मार्केट निवेश, सरकारी ई-मार्केटप्लेस, टैक्स पेमेंट, ट्रैवल बुकिंग, जूलरी खरीदारी और टर्म डिपॉजिट जैसी कैटेगरीज में भी 5 लाख रुपये तक का ट्रांजैक्शन संभव होगा।
* पर्सन-टू-पर्सन (पी2एम) ट्रांजैक्शन : दोस्तों, रिश्तेदारों को पैसा भेजने की लिमिट पहले की तरह 1 लाख रुपये ही रहेगी।