Waqf Bill : वक्फ संशोधन विधेयक पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद की आपत्ति
Waqf Bill
भारत
चेतना मंच
02 Apr 2025 09:05 PM
Waqf Bill : वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर देश में बहस तेज हो गई है। इस विधेयक पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद असअद मदनी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उनका कहना है कि यह विधेयक जबरन संसद में लाया गया है और यह न केवल असंवैधानिक है बल्कि मूल अधिकारों का भी उल्लंघन करता है।
विधेयक को लेकर जमीयत उलेमा-ए-हिंद का रुख
मौलाना महमूद असअद मदनी ने कहा कि सरकार इस विधेयक को संख्यात्मक बहुमत के आधार पर पारित करवाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उनका मानना है कि यह विधेयक बहुसंख्यकवादी मानसिकता को दर्शाता है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करने की दिशा में एक कदम है। उन्होंने आगे कहा कि इस विधेयक को जिस मंशा और तरीके से प्रस्तुत किया गया है, वह मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उनका स्पष्ट मत है कि इस कानून में सुधार की आवश्यकता थी, लेकिन सरकार ने ऐसे संशोधन पेश किए हैं, जो समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें और जटिल बना रहे हैं।
लोकसभा में विधेयक पर चर्चा
लोकसभा में इस विधेयक को लेकर व्यापक चर्चा हो रही है। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने इसे लोकसभा में पेश किया। इस पर 8 घंटे की चर्चा निर्धारित की गई है, लेकिन सरकार ने संकेत दिया है कि यदि सदन की सहमति होगी तो चर्चा को आगे भी बढ़ाया जा सकता है। इस विधेयक के खिलाफ विभिन्न राजनीतिक दलों और मुस्लिम समाज के लोगों ने विरोध प्रकट किया है।
अल्पसंख्यक समुदाय की चिंताएं
मौलाना मदनी ने कहा कि इस विधेयक से अल्पसंख्यक समुदाय को गंभीर खतरा है और यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने घोषणा की कि वे इस अन्याय के खिलाफ संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीकों से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उनका कहना है कि इस तरह के विधेयक से देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर चोट पहुंचती है और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन होता है। Waqf Bill :