छत्तीसगढ़। महासमुंद जिले में एक व्यक्ति की मौत के बाद आयोजित 'दशगत्र' (मृत्यु के दसवें दिन आयोजित होने वाला अनुष्ठान) एक अनुष्ठान में भोजन करने के बाद करीब 100 लोग बीमार हो गए है। जानकारी के अनुसार बीमार पड़ने वालों में ज्यादातर बच्चे शामिल हैं। इस बारे में चिकित्सकों का कहना है कि इन लोगों में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण दिखाई दिए हैं। जानकारी के अनुसार यह घटना बुधवार शाम पिथौरा विकासखंड के अंसुला गांव में हुई। घटना के बाद इन सभी का सांकरा सरकारी अस्पताल के साथ पिथौरा सीएचसी में इलाज किया जा रहा है।
इलाज के बाद जिनकी हालत सामान्य हो गई उनको अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है लेकिन जो अभी गंभीर हैं उनका इलाज जारी है। हालांक घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर महासमुंद, तहसीलदार पिथौरा, तहसीलदार बसना व एसडीएम सरायपाली घटना स्थल पर पहुंचे और उन्होंने हालात की जानकारी ली साथ ही उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को तुरंत घटना स्थल पर पहुंचने का आदेश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों के इलाज में किसी भी तरह की लापरवही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर डोमन सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इन सभी लोगों ने दिलीप साहू द्वारा आयोजित दशगत्र में भोजन किया था। साहू राज्य की राजधानी रायपुर से 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित अंसुला गांव के एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हैं और स्थानीय लोगों के अलावा उनके स्कूल और अन्य शैक्षणिक संस्थान के बच्चे भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे। सिंह ने बताया कि खाना खाने के दो-तीन घंटे बाद महिलाओं और बच्चों समेत करीब 100 लोगों ने बेचैनी और फूड प्वाइजनिंग जैसे लक्षणों की शिकायत की जिसके बाद उन्हें नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
कलेक्टर और अन्य जिला प्रशासन और स्वास्थ्य अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए अस्पतालों का दौरा भी किया। उन्होंने कहा कि 42 बच्चों और दो महिलाओं सहित 48 लोगों को पिथौरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 12 अन्य लोगों जिनमें आठ बच्चे शामिल हैं उन्हे सकरा स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। फिलहाल सभी की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। अन्य लोगों को प्रारंभिक उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है। उन्होंने ने बताया कि फूड प्वाइजनिंग के सही कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या साहू के खिलाफ इस रस्म में स्कूली बच्चों को आमंत्रित करने पर कार्रवाई की जाएगी, कलेक्टर ने कहा कि उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी से इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट देने को कहा है।