
भारत का कोई भी नागरिक 14 अगस्त के दिन को कभी नहीं भूल सकता है। भारत सरकार ने 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित कर रखा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष-2021 में 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित किया था। वर्ष-2021 से हर साल पूरे भारत में 14 अगस्त का दिन विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष-2025 में भी 14 अगस्त के दिन को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाएगा। यह दिन भारत की करोड़ों जनता के लिए रोने वाला दिन है।
सबको पता है कि 15 अगस्त 1947 को भारत को आजादी मिली थी। 15 अगस्त 1947 से ठीक एक दिन पहले 14 अगस्त 1947 को भारत का बंटवारा हो गया था। 14 अगस्त 1947 को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा काटकर पाकिस्तान बना दिया गया था। 14 अगस्त के दिन पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस मनाता है किन्तु 14 अगस्त को भारतवासियों को रोना आता है। 14 अगस्त 1947 को भारत के बंटवारे के साथ ही हिंसा का भयानक तांडव हुआ था। भारत के बंटवारे के कारण भारत के लाखों नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। 14 अगस्त के उस काले दिन की कड़वी हकीकत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उस समय फैली हिंसा में 20 लाख से अधिक नागरिकर मारे गए थे।
विभीषिका का मतलब होता है भयंकर त्रास अथवा कष्ट। बहुत बड़े भय अथवा डर को भी विभीषिका कहा जाता है। भारत के लिए 14 अगस्त का दिन बहुत बड़ी विभीषिका का दिन है। इसी कारण भारत सरकार ने 14 अगस्त को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस घोषित कर रखा है। भारत का विभाजन करके पाकिस्तान बनाने की घटना को याद करके आज भी सच्चे देश भक्त भारतवासी खूब रोते तथा दु:खी होते हैं। India-Pakistan Partition