National Voters Day : भारत के हर नागरिक के लिए 25 जनवरी का दिन बेहद खास दिन है। 25 जनवरी को भारत में राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters Day) मनाया जाता है। अगर हम बात करें राष्ट्रीय मतदाता के अर्थ की तो राष्ट्रीय मतदाता का सीधा अर्थ है कि, देश के हर नागरिक को मतदान के महत्तव को समझना चाहिए। क्या आप जानते हैं कि राष्ट्रीय मतदाता भारत के मतदाताओ को जागरुक बनाने का दिन भी माना जाता है। हम सबको ये पता है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। ऐसे में राष्ट्रीय दिवस का महत्तव और अधिक बढ़ जाता है।
क्या है राष्ट्रीय मतदाता दिवस?
राष्ट्रीय मतदाता दिवस भारत के चुनाव आयोग के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में इसे मंजूरी दी गई थी। राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उद्देश्य भारत में चुनावों में भागीदारी और लोकतंत्र को मजबूत करना है। प्रत्येक वर्ष 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। पहली बार राष्ट्रीय मतदाता दिवस (25 जनवरी) 2011 को मनाया गया था। साल 2025 में 15वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जा रहा है। यह दिन 1950 मे स्थापित हुए निर्वाचन आयोग (इलेक्शन कमिशन) की स्थापना का प्रतीक है।
18 वर्ष की आयु से वोट देने का अधिकार
दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री स्व. मनमोहन सिंह के कार्यकाल मे 18 वर्ष की आयु प्रकट कर चुके नव युवा मतदाता सूची मे नाम दर्ज कराने में रुचि कम दिखा रहे थे। कुछ मामलो मे तो नामांकन का स्तर 20 से 25 प्रतिशत कम हो चुका था। इस समस्या से निपटने के लिए चुनाव आयोग ने देशभर मे 8.5 लाख मतदान केन्द्रों मे हर साल 1 जनवरी तक 18 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुके युवाओ की पहचान करने के लिए जोरदार अभ्यास चलाने का फैसला लिया था।
पहचान पत्र दिखाकर मतदान करना जरूरी
बता दें कि, उस दौरान की सूचना एंव प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा था कि, अभियान के दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके मतदाताओ की पहचान की जाएगी। तथा हर साल 25 जनवरी को उन्हें मतदाता फोटो पहचान पत्र सौंप दिया जाएगा। इसी कारण 25 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय मतदाता दिवस घोषित कर दिया गया था। आपको बता दें कि, मतदाता फोटो पहचान पत्र एक पहचान दस्तावेज़ है जो 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले व्यक्तियों का दिया जाता है। मतदाता पहचान पत्र को दिखा कर ही चुनाव मे मतदान किया जा सकता है।