3,000 करोड़ का खेल! अनिल अंबानी की कंपनियों पर ED की रेड
Anil Ambani
भारत
चेतना मंच
01 Dec 2025 08:42 AM
Anil Ambani: कारोबारी अनिल अंबानी एक बार फिर प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रडार पर हैं। ED ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामलों में अनिल अंबानी समूह की कई कंपनियों और उनके वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। यह कार्रवाई बुधवार सुबह से मुंबई में जारी है। छापेमारी की यह कार्रवाई नेशनल हाउसिंग बैंक, SEBI, नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी (NFRA), बैंक ऑफ बड़ौदा और CBI की दो एफआईआर के आधार पर की जा रही है। जांच एजेंसी को संदेह है कि अनिल अंबानी से जुड़ी कंपनियों ने सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के लिए एक सुनियोजित साजिश रची थी जिसमें बैंकों, शेयरधारकों और निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, जांच में यस बैंक से 2017 से 2019 के बीच लिए गए करीब 3,000 करोड़ रुपये के लोन का गलत इस्तेमाल और हेराफेरी सामने आई है। इस मामले में घूसखोरी का एंगल भी खंगाला जा रहा है जिसमें यस बैंक के पूर्व प्रमोटर्स की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है।
SBI ने क्यों घोषित किया अनिल अंबानी को फ्रॉड?
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इस महीने की शुरुआत में अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन को बड़ा झटका देते हुए उसे फ्रॉड घोषित किया था। बैंक ने कंपनी को दिसंबर 2023, मार्च 2024 और सितंबर 2024 में लगातार कारण बताओ नोटिस जारी किए थे। कंपनी के जवाबों की समीक्षा के बाद SBI ने पाया कि रिलायंस कम्युनिकेशन ने लोन की शर्तों का पालन नहीं किया और खातों के संचालन में गंभीर अनियमितताओं को छुपाया। इसके आधार पर बैंक ने कंपनी को डिफॉल्टर घोषित कर दिया।
क्या है अगला कदम?
ED की टीम फिलहाल दस्तावेजों की जांच में जुटी है और अनिल अंबानी समूह से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ भी की जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और खुलासे हो सकते हैं।