8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रहे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सरकार ने साफ कर दिया है कि इसका गठन किया जाएगा। इसके तहत कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 40,000 से 45,000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है साथ ही पेंशन संरचना में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। लोकसभा में सांसद टी.आर. बालू और आनंद भदौरिया द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में सरकार ने जानकारी दी कि आयोग के गठन के लिए अब तक कई अहम मंत्रालयों और राज्यों से सुझाव मांगे जा चुके हैं। हालांकि अभी तक आयोग के चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति नहीं हुई है और न ही इसका आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है।
क्या कहा सरकार ने?
सरकार ने कहा कि, 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया जारी है। रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, कार्मिक विभाग और विभिन्न राज्य सरकारों से सुझाव लिए जा रहे हैं। जब आयोग को अधिसूचित किया जाएगा तब चेयरपर्सन और अन्य सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। संशोधित वेतनमान आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही लागू किए जाएंगे। इस आयोग से करीब 1 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और 67 लाख पेंशनर्स प्रभावित होंगे। पहले के वेतन आयोगों की तरह इस बार भी पेंशन की गणना का नया फॉर्मूला, महंगाई राहत (DA/DR) का पुनर्संयोजन और अन्य भत्तों में बदलाव देखने को मिल सकता है। पेंशनर्स संगठनों ने सरकार से इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और स्पष्टता की मांग की है ताकि रिटायर्ड कर्मियों को भी नए फॉर्मूले से लाभ मिल सके।
सैलरी कितनी बढ़ सकती है?
Ambit Capital की रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद न्यूनतम वेतन ₹40,000 से ₹45,000 तक पहुंच सकता है। हालांकि DA को रीसेट किया जाएगा, लेकिन अन्य भत्तों में इजाफे से सैलरी में कमी की भरपाई हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक, यह प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है। बजट अनुमोदन, नीतिगत फैसलों और तकनीकी प्रक्रियाओं की वजह से आयोग की सिफारिशों को लागू होने में समय लग सकता है। अनुमान है कि जनवरी 2026 तक इसे लागू किया जा सकता है लेकिन इसमें और देरी भी संभव है।