
Lucknow News (संदीप तिवारी) : उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ विकास प्राधिकरण की लापरवाही कम होने का नाम नहीं ले रही है। आलम कुछ इस तरह का हो गया है कि बीते दिनों अलाया अपार्टमेंट के दर्दनाक हादसा होने के बाद भी अधिकारियों की नींद नहीं खुल रही है। यही वजह है कि एक बड़ा हादसा होते- होते बचा है। दरअसल, गोमती नगर के जयपुरिया कालेज के पास आवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण में बिल्डर अवैध रूप से बेसमेंट खोद रहा था, इसके चलते पड़ोसी के घर में दरार आ गई।
पीड़ित दुर्गा प्रताप सिंह ने लखनऊ विकास प्राधिकरण के अफसरों को वीडियो भेजकर की है। अब प्राधिकरण ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। इसके साथ ही पीड़ित की तहरीर पर डा. शानू रस्तोगी के खिलाफ अवैध खनन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दुर्गा प्रताप सिंह ने कहा कि एलडीए के इंजीनियरों की मिलीभगत से डा.शानू रस्तोगी अपने भूखंड में अवैध रूप से व्यवसायिक निर्माण करा रहे थे। इसके लिए जब बेसमेंट की खुदाई होने लगी तो दुर्गा प्रताप सिंह ने आपत्ति जताई। इसके बाद भी काम चालू रहा। ऐसे में खोदाई से मकान में दरार आ गई। पीड़ित ने भवन का निर्माण करने वाले एक ठेकेदार की मदद से 100 जैग लगवाकर बिल्डिंग को सपोर्ट दिया है।
बता दें कि बीते 24 जनवरी को पांच मंजिला अलाया अपार्टमेंट ढह गया था। इस हादसे में तीन महिलाओं की मौत हो गई थी। वहीं मलबे में दबे 14 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हादसा होने के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, नगर विकास मंत्री एके शर्मा समेत यूपी के तमाम बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। फिलहाल इस मामले में हजरतगंज पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन तीसरा आरोपी याजदान बिल्डर्स का मालिक फहद याजदानी अभी फरार है।
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