महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा, बिश्नोई गैंग की धमकी पर उठा तूफान

विधानसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि बिश्नोई गैंग के गुर्गे अब सीधे जन प्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं।

Lawrence Bishnoi Gang Maharashtra Assembly
विपक्ष ने की सरकार की घेराबंदी (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar24 Feb 2026 07:23 PM
bookmark

Lawrence Bishnoi Gang Maharashtra Assembly: महाराष्ट्र विधानसभा के बजट सत्र में आज विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखा विवाद देखने को मिला। कांग्रेस के विधायक साजिद खान पठान को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जान की धमकी मिलने के मामले में विपक्ष ने सदन में जमकर हंगामा किया और राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।

विपक्ष ने सदन का किया घेराबंदी

विधानसभा में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी करते हुए आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। विपक्षी नेताओं ने कहा कि बिश्नोई गैंग के गुर्गे अब सीधे जन प्रतिनिधियों को निशाना बना रहे हैं और फोन कर रंगदारी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि अकोला पश्चिम के विधायक साजिद खान पठान को मिल रही धमकियां इस बात का प्रमाण हैं कि अपराधी पुलिस व्यवस्था से बेखौफ हो चुके हैं।

‘Z’ श्रेणी सुरक्षा की मांग

हंगामे के दौरान कांग्रेस विधायकों ने सदन की कार्यवाही रोक दी और साजिद खान पठान के लिए तत्काल ‘Z’ श्रेणी की सुरक्षा देने की मांग की। विपक्ष ने साफ कर दिया कि जब तक विधायक और उनके परिवार को पुख्ता सुरक्षा नहीं दी जाती, तब तक वे चर्चा आगे नहीं बढ़ने देंगे। सत्ता पक्ष के सदस्यों द्वारा संयम बरतने की अपील के बावजूद सदन में शोर-शराबा जारी रहा।

बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का हवाला

विपक्ष के नेताओं ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा सिद्दीकी की हत्या के बाद से राज्य में डर का माहौल है। उन्होंने बताया कि विधायक साजिद खान पठान को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल और मैसेज आ रहे हैं, जिसमें लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम लेकर उन्हें डराया जा रहा है। विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि आखिर पुलिस इन अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को ट्रैक करने में विफल क्यों हो रही है और यह केवल एक विधायक की सुरक्षा का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश है।

फडणवीस ने दिया आश्वासन

सदन में बढ़ते हंगामे के बीच उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हस्तक्षेप किया। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। फडणवीस ने स्पष्ट किया कि साजिद खान पठान को मिली धमकियों की जांच एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) और साइबर सेल की मदद से की जा रही है।

उन्होंने कहा, "विधायक की सुरक्षा की समीक्षा (Threat Assessment) कर ली गई है और उन्हें आवश्यक सुरक्षा प्रदान की जाएगी। बिश्नोई गैंग के नाम पर फर्जी कॉल कर दहशत फैलाने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।" Lawrence Bishnoi Gang Maharashtra Assembly

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

अहमदाबाद के 10 बड़े होटलों की खुली पोल, 170 किलोग्राम नकली पनीर जब्त

विभाग ने इस अभियान के तहत कुल 173 किलोग्राम नकली पनीर और अन्य अनुपयोगी खाद्य सामग्री को जब्त कर नष्ट कर दिया। इन 10 रेस्तरांओं पर कुल 97,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

Black marketing of cheese in Ahmedabad
अहमदाबाद में पनीर का काला कारोबार फैला (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar24 Feb 2026 05:50 PM
bookmark

Gujrat news : गुजरात के अहमदाबाद शहर से खाद्य सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शहर के कुछ मशहूर होटलों और रेस्तरां में ग्राहकों को परोसे जा रहे पनीर के नकली होने का खुलासा हुआ है। अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) के खाद्य विभाग ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और 10 प्रतिष्ठित होटलों से 170 किलोग्राम से अधिक नकली पनीर जब्त किया है।

कैसे हुआ खुलासा?

खाद्य विभाग की टीम ने पिछले कुछ दिनों में शहर के प्रमुख होटलों पर अचानक छापेमारी की। इस दौरान लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला में जांच की गई, जिसमें पनीर की गुणवत्ता 'निम्न' पाई गई। जांच रिपोर्ट में सामने आया खौफनाक सच यह था कि इन होटलों में शुद्ध दूध से बने पनीर के बजाय वनस्पति तेल और कम वसा वाले दूध के मिश्रण से बने नकली पनीर का इस्तेमाल किया जा रहा था। विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाद में यह पनीर असली जैसा लगता है, लेकिन सेहत के लिए यह काफी हानिकारक साबित हो सकता है।

बड़े नाम शामिल

इस छापेमारी में शहर के कई बड़े और चर्चित रेस्तरां शामिल पाए गए। इनमें बारबेक्यू नेशन, द लियो पिज्जा, रियल पप्रिका और पिज्जार्टे जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। विभाग ने इन रेस्तरांओं पर खाद्य सुरक्षा मानकों के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है।

कार्रवाई और जुर्माना

विभाग ने इस अभियान के तहत कुल 173 किलोग्राम नकली पनीर और अन्य अनुपयोगी खाद्य सामग्री को जब्त कर नष्ट कर दिया। इन 10 रेस्तरांओं पर कुल 97,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, पिछले एक सप्ताह के दौरान खाद्य विभाग की मॉनिटरिंग और कार्रवाई का विस्तार बढ़ा है। इस अवधि में कुल 6,72,000 रुपये का जुर्माना वसूला गया है, जबकि 823 किलोग्राम और 878 लीटर अनुपयोगी सामग्री को नष्ट किया गया है। आगे की जांच के लिए दूध उत्पादों के 495 नमूने भी भेजे गए हैं।

विभाग का संदेश

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ यह कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। विभाग ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे स्वाद के साथ-साथ खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षा के प्रति भी जागरूक रहें।

इस कार्रवाई के बाद अहमदाबाद में खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर लोगों में एक बार फिर से चर्चा शुरू हो गई है और फूड डिपार्टमेंट पहले से कहीं अधिक सतर्क दिख रहा है। Gujrat news

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

मोदी सरकार का बड़ा फैसला, बदला जाएगा केरल का नाम

खास बात यह है कि अप्रैल-मई के बीच प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले आए इस निर्णय को राज्य की पहचान, प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक संकेतों तीनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

केरल नाम बदलाव अपडेट
केरल नाम बदलाव अपडेट
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar24 Feb 2026 04:40 PM
bookmark

 Kerala Name Change : केरल को लेकर बड़ी और अहम अपडेट सामने आई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए केरल का आधिकारिक नाम ‘केरल’ से बदलकर ‘केरलम’ करने पर सहमति जता दी है। इस फैसले की जानकारी मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। खास बात यह है कि अप्रैल-मई के बीच प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले आए इस निर्णय को राज्य की पहचान, प्रशासनिक प्रक्रिया और राजनीतिक संकेतों तीनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कब भेजा गया था नाम बदलने का प्रस्ताव?

यह फैसला अचानक नहीं आया है। केरल सरकार लंबे समय से राज्य के नाम को स्थानीय भाषा और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप आधिकारिक रूप देने की कोशिश कर रही थी। इसी क्रम में 24 जून 2024 को केरल विधानसभा ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से आग्रह किया था कि राज्य का नाम औपचारिक तौर पर ‘केरल’ की जगह ‘केरलम’ किया जाए। अब मंगलवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इसी प्रस्ताव पर मुहर लग गई है, जिससे नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

‘केरलम’ नाम के पीछे क्या है तर्क?

केरल विधानसभा ने यह प्रस्ताव दूसरी बार पारित किया था। इससे पहले अगस्त 2023 में भी विधानसभा ने सर्वसम्मति से नाम बदलने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। हालांकि, उस समय केंद्रीय गृह मंत्रालय ने प्रस्ताव की समीक्षा के दौरान कुछ तकनीकी/प्रक्रियागत सुधार सुझाए थे। इसके बाद प्रस्ताव को आवश्यक बदलावों के साथ दोबारा आगे बढ़ाया गया। जानकारी के मुताबिक, यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा में पेश किया था। उनकी मांग थी कि संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी भाषाओं में राज्य का नाम ‘केरलम’ के रूप में दर्ज किया जाए, ताकि राज्य का आधिकारिक नाम स्थानीय भाषा के अनुरूप और पहचान के लिहाज से अधिक सटीक हो सके। Kerala Name Change

संबंधित खबरें