परोरिया गांव में आज हर कोई इस दंपती के प्रेम और जीवन की चर्चा कर रहा है। जिस घर से एक साथ दो अर्थियां उठीं, वह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आज के दौर में भी सच्चा और निस्वार्थ प्रेम जिंदा है।

कहते हैं कि जोड़ियां ऊपर से बनकर आती हैं, और बिहार के समस्तीपुर जिले से सामने आई यह घटना इस कहावत को सजीव कर गई। उजियारपुर प्रखंड के परोरिया गांव में एक बुजुर्ग दंपती ने न सिर्फ जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाया, बल्कि मृत्यु के बाद भी उनका साथ नहीं छूटा। पति के निधन के कुछ ही समय बाद पत्नी ने भी प्राण त्याग दिए, जिससे पूरा गांव शोक में डूब गया।
बता दें कि परोरिया गांव निवासी 95 वर्षीय किसान युगेश्वर राय का मंगलवार की रात निधन हो गया। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे परिवार के साथ शांत और संतुलित जीवन व्यतीत कर रहे थे। जैसे ही उनके निधन की खबर फैली, घर में मातम छा गया और परिजन अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुट गए।
बता दें कि पति की मृत्यु की खबर से 90 वर्षीय पत्नी तेतरी देवी गहरे सदमे में चली गईं। वह अपने जीवनसाथी के पार्थिव शरीर के पास बैठकर लगातार विलाप कर रही थीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई, वे बेसुध होकर चीख पड़ीं और कुछ ही पलों में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पति से बिछड़ने का दुख वे सह नहीं सकीं।
बता दें कि जब यह खबर गांव में फैली कि दंपती ने लगभग एक ही समय में दुनिया को अलविदा कह दिया, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुटे। एक साथ दो अर्थियां उठते देख लोगों की आंखें नम हो गईं।
बता दें कि युगेश्वर राय और तेतरी देवी अपने पीछे तीन बेटे और दो विवाहित बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, यह दंपती आपसी प्रेम, समझ और समर्पण का जीवंत उदाहरण था। परोरिया गांव में आज हर कोई इस दंपती के प्रेम और जीवन की चर्चा कर रहा है। जिस घर से एक साथ दो अर्थियां उठीं, वह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आज के दौर में भी सच्चा और निस्वार्थ प्रेम जिंदा है।