मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और कुछ जगहों पर जलभराव की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

देश के कई हिस्सों में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। लगातार हो रही बारिश ने कई राज्यों में जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। राजधानी दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और कुछ जगहों पर जलभराव की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक कई क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून मजबूत स्थिति में बना हुआ है। लगातार बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में अच्छी बारिश हो रही है। कई जगहों पर नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है जबकि निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति भी बन रही है। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बुधवार को कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई जबकि गुरुवार सुबह से भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। बारिश की वजह से लोगों को गर्मी और उमस से राहत जरूर मिली है लेकिन कई सड़कों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या भी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार 5 से 8 अगस्त के बीच दिल्ली और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहेंगे और बीच-बीच में बारिश के दौर जारी रह सकते हैं। हालांकि फिलहाल राजधानी के लिए किसी बड़े मौसम अलर्ट की घोषणा नहीं की गई है।
उत्तर प्रदेश में भी मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय है। राज्य के पूर्वी हिस्सों में कई जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पांच जिलों के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 20 जिलों में येलो अलर्ट लागू किया गया है। लगातार बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका बनी हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है इसलिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। कई जिलों में नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है जिससे सड़कें बाधित होने की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने देहरादून समेत कई जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने से बचें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। बिहार में भी बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 6 से 8 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो सकती है। राजधानी पटना समेत अधिकांश जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तराखंड, कोंकण और गोवा में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, असम, मेघालय, महाराष्ट्र, कर्नाटक, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप में भी हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कई इलाकों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 और 8 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। वहीं छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 5 से 7 अगस्त के बीच अच्छी बारिश का अनुमान है। दक्षिण भारत के केरल और कर्नाटक में भी अगले तीन दिनों तक तेज बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। खासकर असम में हालात चिंताजनक हैं जहां बाढ़ से अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
बारिश के दौरान मौसम विभाग ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज हवा और लगातार बारिश के कारण पेड़ गिरने, बिजली की लाइनें प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। यदि बहुत जरूरी न हो तो भारी बारिश के दौरान यात्रा करने से बचें। वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें और किसी भी मौसम संबंधी सूचना के लिए केवल आधिकारिक अपडेट पर भरोसा करें।
विज्ञापन