अब्दुल कलाम और अटल बिहारी वाजपेई का 'National Technology Day' से क्या है नाता ?
भारत
चेतना मंच
11 May 2023 01:46 PM
National Technology Day: हर साल भारत में 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। इसे आमतौर पर राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के नाम से जाना जाता है। इस दिन के इतिहास को जानना हर भारतीय के लिए बेहद आवश्यक है क्योंकि इसका जो इतिहास है वो पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के साथ जुड़ा हुआ है। तो आज 11 मई है, यानी नेशनल टेक्नोलॉजी डे, आइए इस मौके पर जानते हैं कि क्या है इसका इतिहास।
National Technology Day: नेशनल टेक्नोलॉजी डे इतिहास-
इसका इतिहास अगर हम देखें तो पहली बार इस दिन को 11 मई 1999 में मनाया गया था। इसको पहली बार काउंसिल फ़ॉर टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ने मनाया था। असल में जो पांच पोखरण न्यूक्लियर टेस्ट हुआ था, ये दिन उसको समर्पित है। वर्ष 1998 में इसी दिन सफलतापूर्वक आर्मी विंग के द्वारा न्यूक्लियर टेस्ट को पूरा किया गया था। न्यूक्लियर टेस्ट के दौर में भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी थे। न्यूक्लियर टेस्ट के साथ ही ये दिन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र से जुड़े लोगों की उपलब्धियों के लिए भी काफी खास है। इस दिन ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाता है।
नेशनल टेक्नोलॉजी डे से क्यों जुड़ता है अब्दुल कलाम का नाम-
वर्ष 1998 में जब भारत में न्यूक्लियर टेस्ट हुआ था, उस समय इसकी जो कमान थी, वो अब्दुल कलाम के हाथों में थी। इस टेस्ट को सफलतापूर्वक राजस्थान के पोखरण टेस्ट रेंज से किया गया था। इसे भारत के दूसरे न्यूक्लियर टेस्ट के रूप में जाना जाता है और ये काफी महत्वपूर्ण टेस्ट था। आपकी सबकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि इस टेस्ट के सफल होने के लिए 5 न्यूक्लियर धमाके किये गए थे। इससे पहले वर्ष 1974 में पहला न्यूक्लियर टेस्ट किया गया था। इस टेस्ट का नाम 'लाफिंग बुद्धा' रखा गया था। इसके बाद दूसरा न्यूक्लियर टेस्ट 1998 में किया गया और इसका जो कोड नेम था, वो ' ऑपरेशन शक्ति' था। इसके सफल परीक्षण के बाद भारत ने एक नई ऊंचाई को छुआ था। इसके बाद भारत ने दो नए न्यूक्लियर हथियारों की भी टेस्टिंग की थी और ये पोखरण- ll का ही हिस्सा थे। बस इसीलिए हर साल इसके सफल परीक्षण के दिन यानी 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे (National Technology day) मनाया जाता है।