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National News: रहीम नौकरी के लिए सऊदी अरब गए थे। रहीम को 2006 में गिरफ्तार किया गया था। उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। उन पर आरोप था कि उनकी देखरेख में रह रहे विशेष जरूरतों वाले एक सऊदी बच्चे की दुर्घटनावश मौत हो गई थी।

National News: अब्दुल रहीम सऊदी अरब में करीब दो दशक जेल में बिताने के बाद 28 मई को भारत वापस लौट आए। उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी। जनसहयोग से जुटाई गई 34 करोड़ रुपये की ‘ब्लड मनी’ राशि अदा किए जाने के बाद वह जेल से रिहा हो पाए।
रहीम नौकरी के लिए सऊदी अरब गए थे। रहीम को 2006 में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप था कि उनकी देखरेख में रह रहे विशेष जरूरतों वाले एक सऊदी बच्चे की दुर्घटनावश मौत हो गई थी। बच्चे के परिवार ने उन्हें माफी देने से इनकार कर दिया। इसके बाद 2018 में रहीम को मौत की सजा सुनाई गई थी।
रहीम के पास था बचने का सिर्फ एक रास्ता
कोझिकोड निवासी रहीम के सामने जिंदा बचने का एक ही रास्ता बचा था। ‘ब्लड मनी’ के तौर पर 1.5 करोड़ सऊदी रियाल की रकम चुकाना। इंडियन करेंसी में कीमत करीब 34 करोड़ रुपये बैठती है।
‘ब्लड मनी’ एक तरह का आर्थिक मुआवजा होता है, जो किसी व्यक्ति की मौत या गंभीर चोट के मामले में आरोपी या उसके परिवार की ओर से पीड़ित परिवार को दिया जाता है।
भावुक स्वदेश वापसी
करीपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद रहीम को उनके परिजन बाहर लेकर आए। रहीम की आंखों में आंसू थे। बिजनेसमैन बॉबी चेम्मनूर हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए मौजूद थे। उन्होंने रहीम को देखते ही उसे गले लगा लिया। रहीम ने वहां मौजूद लोगों और मीडिया का हाथ हिलाकर अभिवादन किया और ‘थम्स-अप’ का संकेत दिखाकर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “मैं उन सभी लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मेरी मदद की।”
घर पहुंचने पर मां, रिश्तेदारों, दोस्तों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ इकट्ठी थी। बकरीद के दिन रहीम की वापसी ने उत्सव का माहौल बना दिया। घर के दरवाजे पर मां को गले लगाते ही रहीम भावुक हो गए। गला भर आने के कारण वह कुछ बोल नहीं पाए और दोनों मां-बेटे खुशी के आंसू रोए। रहीम ने कहा, “मैं उन सभी का शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मुझे फिर से मेरी मां से मिलाया।”
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